'दो माह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से मिलेंगे'

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ज़्यादातर अंग्रेज़ी अख़बारों में मथुरा में 'स्वाधीन भारत सुभाष सेना' और पुलिस के बीच हुई हिंसा की ख़बर सुर्खियों में है.
<link type="page"><caption> टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता</caption><url href="http://timesofindia.indiatimes.com/city/agra/How-wait-for-Netaji-triggered-a-tragedy/articleshow/52576976.cms" platform="highweb"/></link> है कि स्वाधीन भारत सुभाष सेना के पचास तथाकथित सत्याग्रहियों ने बताया कि उनके नेता ने कहा था कि वो दो महीने में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से मिलेंगे जिसके बाद इतिहास बदल जाएगा. ये सभी लोग ग़रीब, कुपोषित और दिशाहीन से लगते हैं. गुरुवार की हिंसा में घायल इन लोगों का इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

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मथुरा में स्वाधीन भारत सुभाष सेना और पुलिस के बीच हिंसक संघर्ष में 24 लोगों की मौत हो गई थी, इनमें दो पुलिस के थे.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि मथुरा का विवाद - बेहतरीन तरीके से छुपाया गया राज़, पुलिस और अदालत की नाक के नीचे 'सेना' और असलहा फलफूल रहे थे.

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मथुरा के जवाहर बाग में 2014 में जब से स्वाधीन भारत सुभाष सेना के लोग बस गए, तब से जंग की तैयारी, हथियार जमा करना, विस्फोटक और देसी बम बनाना, सदस्यों की संख्या बढ़ना, सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे चलता रहा.
अख़बार लिखता है कि जवाहर बाग़ के एक तरफ़ मथुरा पुलिस अधीक्षक का दफ़्तर और दूसरी तरफ़ तहसील कार्यालय है.
वहीं द हिंदू अख़बार ने लिखा है कि मथुरा में खूनी संघर्ष के दूसरे दिन हथियारों का ज़खीरा मिला.

इसके अलावा <link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के पहले पन्ने </caption><url href="http://www.hindustantimes.com/india-news/cbi-suspects-links-in-activists-murders-seeks-scotland-yard-probe/story-Zadelxm6HPnzmkMjRA4evO.html" platform="highweb"/></link>पर एक ख़बर के मुताबिक अंधविश्वास के विरोधी नरेन्द्र डाभोलकर और गोविंद पनसारे की हत्या में एक ही बंदूक के इस्तेमाल के सवाल पर सीबीआई स्कॉटलैंड यार्ड की मदद लेगी.

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सीबीआई के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि शुक्रवार को की.
महाराष्ट्र में नरेन्द्र डाभोलकर, गोविंद पनसारे और कर्नाटक में एमएम कलबुर्गी की हत्या की जांच सीबीआई कर रही है, इसमें एक हिंदू संगठन का हाथ बताया जा रहा है.

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द <link type="page"><caption> हिंदू अख़बार के </caption><url href="http://www.thehindu.com/news/national/centre-aap-on-collision-course-over-jan-lokpal-bill/article8687438.ece?homepage=true" platform="highweb"/></link>मुताबिक जन लोकपाल बिल पर केन्द्र और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार टकराव की राह पर हैं.

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस बिल को मौजूदा रूप में पास नहीं किया जा सकता.
इसमें केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ़ जांच, छह महीने के अंदर जांच कर मुक़दमा शुरू करने और भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने पर संपत्ति ज़ब्त करने का प्रावधान है.

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<link type="page"><caption> पायोनियर</caption><url href="http://www.dailypioneer.com/todays-newspaper/kidney-racket-in-apollo-5-held.html" platform="highweb"/></link> और हिंदुस्तान टाइम्स अख़बारों ने दिल्ली में मशहूर अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट के पर्दाफ़ाश की ख़बर छापी है.
हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि पांच लोगों को इस सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है.

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<link type="page"><caption> जनसत्ता ने</caption><url href="http://www.jansatta.com/national/pathankot-attack-mea-reject-nia-chief-statement-for-pakistan-involvement/102404/" platform="highweb"/></link> लिखा है एनआईए प्रमुख ने पाकिस्तान को बेदाग़ बता कराई फ़जीहत, एनआईए प्रमुख शरद कुमार ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पठानकोट हमले की जांच में जैश-ए मोहम्मद की मदद में अब तक पाकिस्तान सरकार या किसी एजेंसी का हाथ नहीं है. कुमार के बयान पर विवाद के बाद भारत ने साफ़ किया है कि पठानकोट हमले में पाकिस्तानी नागरिकों का शामिल होना 'एक स्वीकार जा चुका त्थ्य है'.

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जनवरी में हुए पठानकोट एयरबेस पर हमले के मामले में पाकिस्तान की जांच टीम भारत का दौरा भी कर चुकी है.

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<link type="page"><caption> द टेलिग्राफ़</caption><url href="http://www.telegraphindia.com/1160604/jsp/frontpage/story_89305.jsp#.V1JAO8B96Hs" platform="highweb"/></link> ने लिखा है कि अमरीका के लॉस एंजिलिस में यूसीएलए में प्रॉफ़ेसर की हत्या करने वाले भारतीय मैनक सरकार ने कथित तौर पर अपनी पूर्व पत्नी की भी हत्या कर दी है. मैनक सरकार ने अपने पूर्व प्रॉफ़ेसर की हत्या करने के बाद ख़ुद को गोली मार ली थी.

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बताया जा रहा है कि मैनक सरकार आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र थे.
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