'केंद्र सहयोग करे, हम सारे घाव भूल जाएंगे'

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उत्तराखंड में राष्ट्रपति हटाने के हाई कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि वो सारी कटुता को भुलाते हुए केंद्र सरकार से सहयोग चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि 'अब भी वो राज्य के साथ सहयोग करें तो हम इन घावों को भूल जाएंगे. हमने पहले भी घाव खाए हैं.'
मुख्यमंत्री ने कहा कि सियासी उठापटक से सरकार का कामकाज और राज्य का विकास बाधित हुआ है.
उन्होंने हाई कोर्ट के फैसले को उत्तराखंड की जीत बताया.
हाई कोर्ट ने गुरुवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन को हटाते हुए हरीश रावत को 29 अप्रैल को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा.
पिछले महीने कांग्रेस के नौ विधायक विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के पाले में खड़े हो गए. इसके बाद राज्य में सियासी उठापटक के बीच हरीश रावत को राज्यपाल ने 28 मार्च तक बहुमत साबित करने को कहा था. लेकिन इससे पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.
उधर भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि 'हरीश रावत सराकर कल भी अल्पमत में थी, आज भी और इसका फैसला 29 अप्रैल को हो जाएगा.'
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि उन्हें अदालत के फैसले पर कोई हैरानी नहीं है क्योंकि जज साहब की तरफ से पहले ही दिन से इस तरह की टिप्पणियां आ रहीं थीं.
हाई कोर्ट ने कांग्रेस ने नौ बागी विधायकों को भी झटका दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने हाई कोर्ट के हवाले से बताया, "कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को पार्टी से टूट के 'संवैधानिक पाप' की कीमत अयोग्य होकर चुकानी होगी."
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