कश्मीरी लड़की बोली 'छेड़छाड़ फ़ौजी ने नहीं की'

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- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर के हंदवाड़ा में कथित तौर पर सेना के जवान की छेड़छाड़ की शिकार लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में कहा है कि उसके साथ छेड़खानी कुछ स्थानीय लड़कों ने की थी.
पहले ऐसे आरोप लगे थे कि लड़की के साथ सेना के जवान ने छेड़छाड़ की थी.
घटना के बाद से वहां हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

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पुलिस ने पहले एक वीडियो रिलीज़ किया था जिसमें लड़की ने कुछ इसी तरह का बयान दिया था.
लेकिन मानवाधिकार समूहों ने इसे दबाव में दिया गया बयान बताया था और अदालत में गुहार लगाई थी जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस से कहा था कि लड़की को उसके सामने पेश करे.
लड़की की मां ने भी इसे पुलिस के दबाव में दिया गया बयान बताया था.
बयान देने वाली लड़की को पुलिस ने अपने पास ये कहकर रखा था कि उसके बयान के बाद उसे ख़तरा हो सकता है. पुलिस के उसे पास में रखने का ये कहकर विरोध किया गया था कि ये बयान दबाव में दिलवाया गया लगता है. और पुलिस युवती को कैसे एक तरह की हिरासत में रखा सकती है.
जज के सामने लड़की के दिए गए बयान के हवाले से पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि, "रविवार को कोर्ट में लड़की और उसके पिता को पेश किया गया था. चीफ़ जुडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किया गया."
इस बीच सरकार ने छह दिनों के बाद इलाके में इंटरनेट सेवा बहाल की और दो ज़िलों को बीच चल रही रेल सेवा को भी बहाल कर दिया है.

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हंदवाड़ा को छोड़ कर लगभग सभी शहरों से कर्फ्यू हटा लिया गया है. अधिकारियों ने अभी हंदवाड़ा में प्रतिबंध नहीं हटाने का फ़ैसला लिया है.
पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार हंदवाड़ा और कई अन्य संवेदनशाल शहरों में सप्ताह भर तक चले प्रदर्शनों में गुस्साई भीड़ से निपटने में क़रीब 200 पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं.
सरकार में प्रदर्शनों में पुलिस कार्यवाई के कारण मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मदद की घोषणा की है और वादा किया है कि मामले की "निष्पक्ष जांच" कराई जाएगी.
अलगाववादी नेताओं को अभी भी उनके घरों में नज़रबंद रखा गया है.
कई अलगाववादी नेताओं को अलग-अलग जेलों में भी डाल दिया गया है.
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