'सलमान की सज़ा का नहीं मुआवज़े का इंतज़ार'

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साल 2002 में हुए 'हिट एंड रन' मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सलमान ख़ान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
इस घटना में सलमान ख़ान की गाड़ी एक दुकान से टकराई थी और नुरुल्लाह शेख़ शरीफ़ की मौत हो गई थी. मामले में निचली अदालत ने सलमान ख़ान को 5 साल क़ैद की सज़ा सुनाई थी जिसके ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील की गई थी.
मृतक नुरुल्लाह शेख़ के 27 वर्षीय बेटे फ़िरोज़ ने बीबीसी संवाददाता सुशांत मोहन को बताया कि वे इस बात से नाराज़ हैं कि इन 13 सालों में किसी ने भी उन्हें नहीं पूछा और उन्हें मुआवज़ा नहीं मिला.

फ़िरोज़ कहते हैं उन्हें सलमान से बदला नहीं चाहिए.
उन्होंने कहा, ''सलमान से हमारा झगड़ा नहीं है, हम अपनी बात पहले भी कह चुके हैं. इस मामले में उन्हें सज़ा देने से क्या होगा, हमें इससे क्या मिलेगा?''
बीबीसी संवाददाता आयुष ने फ़िरोज़ के दोस्त और पड़ोसी समीउल्लाह से बात की. उनका कहना है कि फ़िरोज़ आज भी मुआवज़े के इंतज़ार में है क्योंकि उनके पिता के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हुई है.

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लेकिन दबी ज़ुबान में समीउल्लाह कहते हैं कि उनकी राय में सलमान को सेलिब्रिटी होने का फ़ायदा मिला है.
वे पूछते हैं, ''ऐसा कैसे हो सकता है कि एक अदालत दोषी कहे और एक निर्दोष.''
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