बिहार के नतीेजे और अमन पर बोले दलाई लामा

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तिब्बती लोगों के धर्मगुरू दलाई लामा ने कहा है कि भारत अहिंसा में यकीन रखने वाला देश है और शांति और सदभाव भारत की लंबी परंपरा रही है.
जालंधर में एक समारोह के दौरान 14वें दलाई लामा ने कहा, "कुछ राजनीति से प्रेरित लोगों को छोड़ दें तो भारत अमूमन एक शांति पसंद देश है. बिहार चुनाव के नतीजे साबित करते हैं कि भारत में ज्यादातर हिन्दू अब भी शांति और अमन पसंद हैं."
दलाई लामा ने कहा, "अमन पसंद होने के कारण ही दुनिया में भारत को धर्मनिरपेक्ष देश कहा जाता है. भारत में सभी धर्मों और व्यक्तियों को समान रूप से सम्मान दिया जाता है."

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उन्होंने आगे कहा, "धार्मिक सहिष्णुता का मतलब सभी धर्मों के साथ-साथ व्यक्तियों को सम्मान देना भी होता है. बौद्ध धर्म का जन्म भारत में हुआ और इसलिए भारत को गुरू और बौद्धों को विद्यार्थी कहा जा सकता है."
आतंकवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दलाई लामा ने कहा, "पहले हमें अपने घर में शांति स्थापित करनी होगी. धार्मिक सहिष्णुता इस समय की सबसे बड़ी मांग है और इसे स्कूल और विश्वविद्यालयों के ज़रिए प्रचारित करने की ज़रूरत है."

जलवायु परिवर्तन के मसले पर दलाई लामा ने कहा, "ये सभी की ज़िम्मेदारी है. हम सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए और इसे प्राथमिकता देनी चाहिए. बड़े देश केवल अपने मुनाफ़े के बारे में सोचते हैं और जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उनके एजेंडे में काफी नीचे है."
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