चीनः 'काँख के बालों' की प्रतियोगिता

इमेज स्रोत, GENDER IN CHINA
'काँख के बाल बनाए या नहीं' ये सवाल चीन की महिला एक्टिविस्ट शियाओ मेली को काफ़ी परेशान करता है.
शियाओ कहती हैं, "लड़कियां अक्सर अपने काँख के बालों को लेकर इस वजह से चिंतित रहती हैं कि इससे गंदे या असभ्य होने के संकेत के तौर पर देखा जाता है."
शियाओं ने महिलाओं को उनके शरीर पर अधिकार दिलाने के लिए चीन के लोकप्रिय माइक्रो-ब्लॉग वेबो पर 'काँख के बाल' प्रतियोगिता शुरू की है.
शियाओ कहती हैं, "हमें इस बात की आज़ादी होनी चाहिए कि हमारे शरीर पर स्वाभाविक रूप से जो बढ़ता है उसे स्वीकार किया जाए."
शियाओ मेली चाहती थीं कि औरतें अपने शरीर को लेकर ख़ुद ही फ़ैसला करें.
शियाओ कहती हैं कि शरीर पर बाल होने को 'मर्दाना' होने से जोड़ दिया जाता है लेकिन चीन की सुंदरता से जुड़ी परंपरागत धारणा के अनुसार बिना बालों वाले अंडरआर्म्स को अच्छा नहीं माना जाता है.
'रहस्यमय और आकर्षक'

इमेज स्रोत, Other
कन्फ़्युशियस ने कहा है कि हमारा शरीर, बाल और त्वचा हमारे माता-पिता ने हमें दिया गया है और हमें उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.
चीनी के लोग महिलाओं के काँख के बाल की एक झलक मिलने को रहस्यमय और आकर्षक मानते थे.
इस प्रतियोगिता में एक ऐसी फ़िल्म अभिनेत्री की मिसाल दी गई जिन्होंने 1930 के दशक के चीन पर आधारित फ़िल्म में एक भूमिका के लिए काँख के बाल बढ़ाए.
हालांकि, कई लोगों ने इस विषय के लिए शियाओ के नारीवादी दृष्टिकोण को चुनौती दी है.

इमेज स्रोत, Other
एक औरत ने चीन की सोशल मीडिया वेबसािट वेबो पर लिखा, "यह कैसी प्रतियोगिता है? मुझे कोई भी काँख के बाल को हटाने के लिए मजबूर नहीं करता है. मैं ऐसा करती हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह भद्दा लगता है."
एक दूसरे यूज़र ने लिखा है, "मुझे लगता है कि चाहे वह कोई पुरुष हो या महिला काँख के बाल न साफ़ करना उनके लिए सही नहीं है."
बालों से प्यार
एक प्रतियोगी छात्रा ने अपने काँख के बाल दिखाते हुए अपनी तस्वीर पर लिखा है, "मैं एक कॉलेज की छात्रा हूं. मुझे अपने काँख के बालों से प्यार है. मैं प्राकृतिक बाल, आत्मविश्वास और समानता का समर्थन करती हूं."

इमेज स्रोत, Other
एक दूसरी महिला अधिकार कार्यकर्ता ली टिंगटिंग ने भी अपनी काँख के बालों वाली तस्वीर पोस्ट की है जिसमे उन्होंने कहा, "घरेलू हिंसा को सज़ा दें और अपने काँख के बालों को प्यार दें."
ली को हाल ही पैरोल पर रिहा किया गया है. उन्हें पुलिस ने यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदर्शन आयोजित करने के मामले में हिरासत में रखा था.
शरीर युद्ध का मैदान

इमेज स्रोत, GNDER IN CHINA
ली कहती हैं, "मेरे ख़्याल से यह प्रतियोगिता काफ़ी सार्थक है. उपभोक्तावाद जेंडर पर आधारित है. बाजार में महिलाओं के लिए शेविंग से जुड़े सामान भरे हुए हैं."
वह कहती हैं कि महिलाओं को यह सोचने की ज़रूरत है कि आख़िर उन्हें ख़ुद की शेविंग कर कौन सा आभार ज़ाहिर करना है.
वह कहती हैं, "चीन में हर वक़्त अर्द्धनग्न लोग चलते रहते हैं तो आख़िर महिलाएं क्यों नहीं? महिलाओं का दिमाग़ और उनका शरीर भी आज़ाद होना चाहिए."
वो ज़ोरदार तरीक़े से कहती हैं, "मेरे लिए मेरा शरीर ही युद्ध का मैदान है."
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>













