गोलियों से नहीं आत्महत्या से मरे 207 जवान

सीआरपीएफ़

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    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बस्तर में सीआरपीएफ के एक जवान संजीव पवार ने अपनी इंसास राइफल से कथित रूप से खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली.

संजीव पवार की मौत की जांच के बाद संभव है, वे सीआरपीएफ के उन 207 जवानों में शामिल हो जाएं, जिन्होंने पिछले 6 सालों में (2009-2014) अलग-अलग वजहों से भारत भर में आत्महत्या की है.

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सीआरपीएफ के एक अफसर कहते हैं - ''हम दुश्मन के हाथों नहीं, खुद के हाथों मारे जा रहे हैं. बीमारियों से मर रहे हैं, मच्छरों से मर रहे हैं.''

जगदलपुर के महारानी अस्पताल में मलेरिया से पीड़ित अपने एक साथी को लेकर पहुंचे सीआरपीएफ के एक जवान कहते हैं, ''हम तो मानो दोयम दर्जे के इंसान हैं, जो अपने मोर्चे पर ही हारे जा रहे हैं.''

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पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों का इलाज करने वाले डॉक्टर प्रकाश तिवारी का मानना है कि अगर इनके काम की परिस्थितियों में सुधार नहीं होगा तो बीमारी से और आत्महत्या से मरने वाले जवानों की संख्या और बढ़ेगी."

इन छह सालों में भारत भर में माओवादियों से लड़ते हुए सीआरपीएफ़ के 345 जवान और अफ़सर मारे गए हैं.

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