कई गांवों में हाथियों की दहशत, एक की मौत

- Author, पारुल अग्रवाल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
झारखंड राज्य के चतरा-हज़ारीबाग इलाके के कई गांव इन दिनों हाथियों के एक झुंड के कारण दहशत में हैं.
हज़ारीबाग में शनिवार को एक व्यक्ति की हाथियों के कुचले जाने से मौत हो गई.
लगभग बीस की संख्या में हाथियों का एक झुंड छह अप्रैल से इन इलाकों में मौजूद है. रात के वक्त ये हाथी अक्सर गांव में घुस आते हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा चुके हैं.
फसलों और घरों को नुक़सान

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कई गांवों में हाथी खेत भी रौंद चुके हैं. स्थानीय खबरों के एक <link type="page"><caption> वेब-पोर्टल सीजीनेट</caption><url href="http://www.cgnetswara.org/index.php?id=68587" platform="highweb"/></link> से जुड़े राजू के मुताबिक उन्हें तीन दिन पहले इलाके में हाथियों की मौजूदगी की खबर मिली.
राजू कहते हैं, ''चतरा के भिथारा गाँव में गुरुवार रात आठ बजे के आसपास हाथियों नें कमल राणा नाम के एक किसान के घर धावा बोल दिया. इस बीच कि ये किसान अपनी गाय-भैंसों को बचाता, हाथियों ने उसके घर को तहस-नहस कर दिया और चूल्हे की आग घरभर में फैल गई.''
गांववालों के मुताबिक हाथियों के आतंक की खबर लगातार प्रशासन को दी जा रही है, लेकिन गांववालों की मदद के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए हैं.
राजू के मुताबिक दो दिन देरी से इलाके का मुआयना करने आए स्थानीय अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 50 हज़ार मुआवज़े का वादा किया, लेकिन जिन लोगों के घर तबाह हो गए हैं उनके मुआयने या मुआवजे का कोई ज़िक्र तक नहीं है.
हाथियों की दहशत
झारखंड के इन इलाकों के लोग अपनी रोज़ी-रोटी के लिए जंगलों पर निर्भर हैं, लेकिन हाथियों के डर से फिलहाल कोई जंगल में नहीं जा रहा है. कई गांवों में लोग आग जलाकर रातभर पहरा दे रहे हैं.

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चतरा के ज़िला वन अधिकारी पीआर नायडू ने बीबीसी से बातचीत में मामले की पुष्टि की.
नायडू ने बताया, ''हाथियों की चपेट में आने से हज़ारीबाग में भी कल एक व्यक्ति की मौत हो गई है. हमने दो अलग-अलग इलाकों में रेंजर्स की टीम तैनात की है जो हाथियों को खदेड़ रही है. हमारे पास यही एकमात्र तरीका है.''
इस बीच, हाथियों का झुंड लगातार आगे बढ़ रहा है और गांववाले परेशान हैं कि जल्द कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो और भी जानें जा सकती हैं.
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