ये कौन चित्रकार है?

इमेज स्रोत, MANISH SHUKLA
- Author, श्राबंती चक्रवर्ती
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
गोवा की रहने वाली 26 साल की स्टेसी रोड्रिग्स की आंखों की रोशनी 80 से 90 फ़ीसदी जा चुकी है.
वो एक ख़ास तरह की बीमारी से पीड़ित हैं जिसमें मरीज़ आसपास के कुछ ख़ास रंगों को ही बहुत क्षीण तरीके से देख पाता है.
लेकिन स्टेसी ने अपनी इस कमी को अपने चित्रकारी के शौक के आड़े नहीं आने दिया.
हाल ही में उनकी मुंबई में एक पेंटिग प्रदर्शनी लगी.
मुश्किल बचपन

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उन्होंने बताया कि बचपन की तन्हाई ने उन्हें चित्रकारी की तरफ आकर्षित किया.
वो बताती हैं, "बचपन से ही मेरी दृष्टि थोड़ी कमज़ोर थी. क्लास में ब्लैकबोर्ड मुझे ठीक से दिखाई नहीं देते थे. लेकिन टीचर और मां-बाप दोनों ही मेरी समस्या नहीं समझते थे."
स्टेसी ने बताया कि तब उन्होंने कागज़ और पेंसिल थाम लिया और दुनिया को वैसे उकेरना शुरू किया जैसी उन्हें नज़र आती थी.
अधूरा सपना

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जब स्टेसी दसवीं कक्षा में थी तब उनके टीचर के कहने पर उनके मां-बाप उन्हें डॉक्टर के पास ले गए और तब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की आँखों की रोशनी धीरे-धीरे ख़त्म होती जा रही है.
स्टेसी बताती हैं कि वो पत्रकार और रेडियो जॉकी बनना चाहती थीं लेकिन उनका ये सपना पूरा नहीं हो सका.
फिर उनके जिम इंस्ट्रक्टर ने उन्हें उनके पेंटिग के शौक को आगे बढ़ाने की सलाह दी और उन्हें एक ड्राइंग बुक लाकर दी.
स्टेसी का पहला चित्र मिकी माउस था लेकिन रंग ठीक से नहीं दिखने की वजह से स्केच पेन्स का इस्तेमाल वो नहीं कर पाती थीं.
वो कहती हैं, "फिर मैंने पोस्टर कलर के साथ सीधे पेज पर एक चित्र बनाया और फिर उसे अपने जिम टीचर डारविन को दिखाया. डारविन के दोस्तों ने तब एम एफ़ हुसैन बोल कर मेरा मज़ाक उड़ाया था लेकिन मुझे उससे प्रेरणा मिली औऱ मैंने कैनवास पर पेंटिंग करनी शुरू की."
प्रदर्शनी

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स्टेसी ने पहले ये चित्रकारी शौकिया तौर पर शुरू की लेकिन जब उनके जिम में किसी ने उनकी बनाई एक पेंटिग को 20 हज़ार रुपए में ख़रीदा तो उन्होंने इस शौक़ को आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया.
स्टेसी ने अपनी पहली प्रदर्शनी 2013 में गोवा में की थी जहां 25 पेंटिंग्स के साथ उन्होंने शुरुआत की.
स्टेसी कहती हैं, "एक कलाकार के लिए सबसे ज़रूरी होता है प्रेरणा लेना लेकिन जब मैं कुछ ठीक से देख ही नहीं पाती हूं तो मैं किसे अपनी प्रेरणा बनाऊं ? ऐसे में मैंने अपने अनुभवों को ही अपने चित्रों में उकेरना शुरू कर दिया."
लक्ष्य

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खाना बनाने से लेकर घर का हर काम कर सकने वाली स्टेसी एक आम लड़की की तरह अपनी ज़िंदगी बिताना चाहती हैं.
वो एक गायकी के रिएलिटी शो में भी हिस्सा ले चुकी हैं लेकिन उनका लक्ष्य है भारत की बेहद मशहूर चित्रकार बनना.
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