..भावना यादव के वो छोटे-छोटे सपने

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- Author, अंकुर जैन
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
दिल्ली पुलिस ने कॉलेज छात्रा भावना यादव के माता-पिता को उसकी हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है.
पुलिस का दावा है कि भावना की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने दूसरी जाति के युवक से शादी की थी.
भावना के कुछ पड़ोसी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं कुछ उनके माता-पिता को बेगुनाह मानते हैं.
और उनके कॉलेज के साथियों के मन में एक डर है क्योंकि यह घटना देश की राजधानी दिल्ली के संभ्रांत माने जाने वाले इलाक़े में हुई है.
पढ़िए अंकुर जैन की रिपोर्ट
दिल्ली के उच्च-मध्यम वर्गीय इलाक़े द्वारका में है भारत विहार कॉलोनी. यहां आते ही सामना होता है संकरी गालियों, कच्चे-पक्के मकानों, मीट की दुकानों और प्रॉपर्टी डीलरों के दफ़्तरों से. यहीं है कॉलेज छात्रा भावना यादव का घर.
भावना ने कभी इस पिछड़े दिखने वाले इलाक़े को अपने सपनों और आकांक्षाओं के बीच आने नहीं दिया.

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लेकिन, भावना के सपनों ने तब दम तोड़ दिया जब कथित तौर पर उनके माता-पिता ने भावना की शादी के तीन दिन बाद गला घोंट कर उन्हें मार डाला. पुलिस के अनुसार माता-पिता इस बात से नाराज़ थे कि उसने अपनी जाति से बाहर शादी की.
पिछले सप्ताह 12 नवंबर को भावना और अभिषेक ने आर्य समाज मंदिर में शादी की.
नम आँखों के साथ अभिषेक ने कहा, "भावना के सपने छोटे-छोटे थे. माता-पिता उसकी शादी स्कूल के बाद ही करवा देना चाहते थे लेकिन उसे जीन्स और शर्ट पहन कॉलेज जाने का मन था."
वो बताते हैं, "उसने जाकर दिल्ली विश्वविद्यालय के वेंकटेश्वर कॉलेज में एडमिशन ले लिया. शादी के बाद सबसे पहले वह मेरे साथ वाइन चखना चाहती थी और हनीमून के लिए किसी समंदर वाली जगह जाना चाहती थी."
सगाई और शादी

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अभिषेक दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में बतौर असिस्टेंट प्रोग्रामर काम करते हैं.
दिल्ली पुलिस की डिप्टी कमिश्नर सुमन गोयल का कहना है की भावना के माता-पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
गोयल ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "भावना को उन्होंने रविवार को सुबह अपने घर में गला घोट कर मार दिया. फिर एक जानने वाले को फ़ोन करके कहा कि भावना को सांप ने काटा है और उसे उनके अलवर ज़िले स्थित गांव में ले जाना होगा. गांव पहुंचते ही उन्होंने भावना के शरीर का दाह संस्कार कर दिया."
गोयल के अनुसार भावना के माता-पिता उनके शव को कंबल में लपेटकर 150 किलोमीटर तक गाड़ी में चलते रहे.
लेकिन अभिषेक अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद भावना वापस लौट आएं.
वो कहते हैं, "भावना के माता-पिता ने उसकी सगाई नवंबर 22 को तय कर दी थी. इसलिए हमने परिवार में किसी को बिना बताए शादी कर ली. हमें यकीन था की शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा."
कुछ देर का साथ

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शादी के बाद भावना और अभिषेक बस कुछ ही देर साथ रह पाए. उन्होंने जैसे ही भावना के माता-पिता को शादी के बारे में बताया तो वे उन्हें लेने आ गए.
अभिषेक कहते हैं कि भावना के माता-पिता ने कहा कि वो उन दोनों की शादी धूम-धाम से फिर करवाएंगे, तब वो वापस आएगी.
वो कहते हैं, "मुझे याद है वह दिन जब हम शादी के लिए ख़रीदारी करने गए थे. जब उसने शादी का जोड़ा दुकान में पहना तो वह ख़ुशी से नाच उठीं. मुझे लगता है वह वापस आएगी. वह इतनी जल्दी हार मान लेने वालों में से नहीं."
अभिषेक कहते हैं, "मैं जानता हूँ उन्हें भावना को मारने का कोई अफ़सोस नहीं होगा. उनके कई रिश्तेदार और समाज वाले उन्हें बड़े आदर से देखेंगे. कहेंगे कि देखो सम्मान बचाने के लिए बेटी को मार दिया."
वो सवाल उठाते हुए कहते हैं, "कोई मुझे बताए यह कैसा सम्मान है जिसके लिए उन्होंने मेरी पत्नी को मार दिया. उन्हें अब फांसी मिलनी चाहिए तभी ऐसे लोगों को सबक मिलेगा."
चुप्पी और डर

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जहां अभिषेक के आंसू नहीं रुक रहे वहीं भावना के पड़ोसी इस मामले में चुप हैं. ज़्यादातर लोगों का कहना है कि वो इस परिवार को नहीं जानते. वहीं कुछ लोग अभियुक्त माता-पिता को बेकसूर मानते हैं.
इस परिवार के पड़ोसी हरज्ञान कहते हैं, "मैं जगमोहन जी के साथ अक्सर हुक्का पीता था. वह हर शाम घर से बाहर बैठ हुक्का बनाते थे और बड़े सतसंगी आदमी थे वह ऐसा कुछ नहीं कर सकते. इस कॉलोनी में बहुत सांप हैं, शायद सही में उसे किसी सांप ने काटा हो या तो लड़की ने कुछ ऐसा किया होगा जो बहुत ग़लत होगा."
वही भावना के कॉलेज में छात्र-छात्राएं इस हादसे से डरे हुए हैं.

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कॉलेज में पढ़ने वाली सुमिरन कहती हैं, "ऐसे हादसे गांव में होते हैं, यह अक्सर सुनने में आता था और दिल रो उठता था. लेकिन दिल्ली में और वह भी एक नामचीन कॉलेज की छात्रा के साथ यह होना बड़ा ही डरावना है. मेरे माता-पिता वैसे तो खुली सोच वाले हैं लेकिन ऐसी ख़बर उन पर क्या असर डालेगी, पता नहीं."
देश की राजधानी में हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े किए हैं. कोई ठोस आंकड़ा तो मौजूद नहीं लेकिन भारत में जाति से बाहर शादी करने के मामले में हर साल कई हत्याएं होती हैं.
लेकिन इस तरह की 'सम्मान हत्या' भारत की राजधानी में होना बहुत चौंकाने वाला संकेत है.
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