लोकायुक्त विवाद पर मोदी पहुँचे सुप्रीम कोर्ट

इमेज स्रोत, Reuters
लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है.
सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में बुधवार को दिए गए हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई है जिसमें राज्यपाल की ओर से लोकायुक्त की नियुक्ति को सही ठहराया गया था.
इसके अलावा सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति के राज्यपाल के आदेश को भी चुनौती दी है.
गत 25 अगस्त को गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल ने सेवानिवृत्त जज आरए मेहता को आठ साल से रिक्त पड़े लोकायुक्त के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था.
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
मोदी सरकार का दावा था कि राज्यपाल ने राज्य सरकार से चर्चा किए बिना और मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बिना लोकायुक्त की नियुक्ति की थी और यह असंवैधानिक है.
पहले इस मसले पर हाईकोर्ट के एक पीठ में न्यायाधीशों में मतभेद थे.
लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट ने न केवल राज्यपाल की ओर से लोकायुक्त की नियुक्ति को सही ठहराया था बल्कि नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणी भी की थी.
इसके बाद गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से हड़बड़ी में सुप्रीम कोर्ट में इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है.
हाईकोर्ट के फ़ैसले को नरेंद्र मोदी के लिए एक राजनीतिक झटके की तरह देखा गया था.












