मधु कोड़ा के ठिकानों पर छापे

मधु कोड़ा
इमेज कैप्शन, निर्दलीय विधायक होते हुए भी मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री बनने का मौक़ा मिल गया था

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनके कुछ सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे हैं.

आय से अधिक संपत्ति, काले धन के मामले और सरकारी पैसों के दुरुपयोग के मामलों में मारे गए इस छापे में अब तक कितनी संपत्ति का पता चला है इसके बारे में अधिकृत रुप से कुछ नहीं कहा गया है लेकिन दोनों विभागों के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि कई सौ करोड़ रुपयों की संपत्ति और निवेश का पता चला है.

आयकर विभाग ने दो पत्रकारों के घरों पर भी छापे मारे हैं.

बीबीसी के झारखंड संवाददाता सलमान रावी के अनुसार छापे की कार्रवाई देर शाम तक जारी थी.

कई देशों में निवेश

प्रवर्तन निदेशालय ने गत नौ अक्तूबर को 38 वर्षीय मधु कोड़ा और उनके तीन सहयोगियों के ख़िलाफ़ काले धन को सफ़ेद करने और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया था और अब छापा मारा गया है.

समाचार एजेंसियों के अनुसार छापे की कार्रवाई शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे देश भर में कई जगह शुरु की गई. अधिकारियों का कहना है कि लगभग साठ जगह छापे मारे गए हैं.

जिन स्थानों पर छापे मारे गए हैं, उनमें राँची के अलावा दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, नासिक, चाईबासा और जमशेदपुर शामिल हैं.

छापे की कार्रवाई मधु कोड़ा के सहयोगी रहे बिनोद सिन्हा और संजय चौधरी के घर पर भी की गई है.

आयकर विभाग की जाँच विभाग के निदेशक उज्जवल चौधरी ने राँची में पत्रकारों को बताया, "ऐसा लगता है कि जब मधु कोड़ा अर्जुन मुंडा सरकार में खनिज मंत्री थे तब और फिर बाद में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद बिना हिसाब किताब के धन का लेन देन हुआ है."

उल्लेखनीय है कि मधु कोड़ा ने पहले वर्ष 2003 में और फिर वर्ष 2006 में खनिज मंत्री का पद संभाला था.

उन पर आरोप है कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और लाइबेरिया आदि देशों में बड़ी धनराशि का निवेश किया है.

इस समय मधु कोड़ा लोकसभा में निर्दलीय सदस्य हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि इस मामले में मधु कोड़ा की गिरफ़्तारी भी हो सकती है. एजेंसी का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो वे पहले राजनीतिज्ञ होंगे जिनकी काले धन को सफ़ेद करने के मामले में गिरफ़्तारी होगी.