बीरभूम हिंसा के बाद सियासत तेज़, बोगटुई गांव पहुंच रहे तमाम दलों के नेता

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पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में हुई हिंसा का मामला गर्माता जा रहा है. ज़िले के बोगटुई गांव में सोमवार को आठ लोगों को कथित तौर पर ज़िंदा जलाकर मार दिया गया था. घटना के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सवाल उठ रहे हैं. बीजेपी, ममता बनर्जी के इस्तीफ़े और राज्य में केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग कर रही है.
वहीं राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच एक बार फिर वार-पलटवार देखने को मिला है. इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए बुधवार को घटना पर चौबीस घंटों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को बोगटुई गांव पहुंचीं और वहां मृतकों के परिवारवालों से उन्होंने मुलाकात की.
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दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी समेत कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को शांतिनिकेतन पर ही रोक दिया गया. इसके अलावा बीजेपी की पांच-सदस्यीय केंद्रीय टीम के भी आज ही गांव का दौरा करने का अनुमान है. लेकिन इस टीम का दौरा कितने बजे और कैसे होगा इसे लेकर कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. हालांकि ज़िला प्रशासन इन दौरों को लेकर सतर्क है.
दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा- ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा था, "इस मामले में दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा. विपक्षी दलों के मौके पर जाने के कारण ही मैंने अपना कार्यक्रम एक दिन आगे बढ़ा दिया है."
सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के एक नेता की हत्या के बाद आगज़नी की घटना में गांव के कम से कम आठ लोगों की मौत के बाद से गांव में सियासी हलचल तेज़ हो गई है. बुधवार को सीपीएम और बीजेपी के प्रतिनिधि बोगटुई गांव पहुंचे थे. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुभेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल को घटनास्थल पर जाने से रोकने की कोशिश की गई.
साथ ही सुभेंदु अधिकारी ने मामले की जांच सीबीआई और एनआईए से कराने की मांग की है.
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फ़िलहाल, घटना के तीसरे दिन भी गांव में ख़ौफ का माहौल है. बड़ी तादाद में पुलिस और रैपिड ऐक्शन फ़ोर्स के जवानों को तैनात किया गया है.
मुख्यमंत्री और राज्यपाल फिर आमने-सामने

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8 लोगों की हत्या के इस मामले के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ आमने-सामने आ गए हैं. धनखड़ इसे लोकतंत्र और इंसानियत के लिए शर्मसार कर देने वाली घटना बता रहे हैं. राज्यपाल के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें वो राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर भड़कते भी नज़र आ रहे हैं.
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वहीं ममता बनर्जी ने राज्यपाल धनखड़ को मामले पर 'अनुचित बयान' देने से परहेज़ करने के लिए कहा है. ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एक चिट्ठी लिख कर कहा है कि 'प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने दीजिए.' इस पत्र में बनर्जी ने लिखा, 'ये बहुत दुख की बात है कि आपने 21 मार्च को रामपुरहाट में हुई घटना जिसमें कई लोगों की जान गई, उसे राज्य की क़ानून व्यवस्था पर व्यापक और अनावश्यक टिप्पणी करने के लिए चुना.''
ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा, "आपके बयानों में अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन करने वाला राजनीतिक अंदाज़ है और लगता है कि ये बंगाल सरकार को धमकाने की कोशिश है."
अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक और वीडियो संदेश में राज्यपाल धनखड़ ने इस घटना को "भयानक हिंसा और आग़जनी का तांडव" बताया और कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव से इस घटना पर तत्काल अपडेट मांगा है.
उन्होंने कहा कि राज्य को हिंसा और अराजकता की संस्कृति का पर्याय नहीं बनने दिया जा सकता. अपने बयान में राज्यपाल ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रशासन को "पक्षपातपूर्ण हितों से ऊपर उठने की ज़रूरत है और यह होता नहीं दिख रहा है."
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बयान के तुरंत बाद राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए अशोभनीय है.
उम्मीद है राज्य सरकार सज़ा दिलवाएगी- प्रधानमंत्री मोदी
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस मामले में टिप्पणी की है. कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में वर्चुअल माध्यम से एक गैलरी का उद्घाटन करते वक्त उन्होंने बीरभूम में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा, "सबसे पहले मैं पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसक वारदात पर दुख व्यक्त करता हूं, अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं आशा करता हूं कि राज्य सरकार बंगाल की महान धरती पर ऐसा जघन्य पाप करने वालों को ज़रूर सज़ा दिलवाएगी.''
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प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को कहा कि अगर अपराधियों को सज़ा दिलाने में कोई मदद चाहिए तो भारत सरकार उसके लिए तैयार है.
टीएमसी नेता की मौत के बाद शुरू हुई हिंसा

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इस हिंसा की शुरुआत एक टीएमसी नेता की हत्या के बाद हुई. पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के बड़साल ग्राम पंचायत के उप-प्रधान और टीएमसी नेता भादू शेख़ की सोमवार शाम कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी. इस हत्या के बाद हिंसा भड़क उठी और आठ लोगों की हत्या कर दी गई, इन लोगों के घरों में आग लगा दी गई, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भादू सोमवार शाम को एक दुकान पर चाय पी रहे थे. उसी समय कुछ युवकों ने उन पर बम से हमला कर दिया. उसके बाद गंभीर हालत में उन्हें रामपुर हाट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत की ख़बर फैलते ही पूरे गांव में तनाव फैल गया और कई घरों में आग लगा दी गई.
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