बिहार: बांका में बालू में दबा मिला बच्ची का शव, परिवार को बलात्कार का शक

इमेज स्रोत, Jaykant
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार के बांका में आठ साल की बच्ची का शव बालू में दबा हुआ मिलने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के अनुसार इस बात की भी जांच की जा रही है कहीं ये बलात्कार का मामला तो नहीं है.
आठ साल की पूजा (बदला हुआ नाम) का शव चांदन रेलवे स्टेशन के पास बालू में दबा मिला था. परिवार वाले बलात्कार का आरोप लगा रहे हैं.
बांका पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार गुप्ता ने बीबीसी को बताया, "मामले में बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है. तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि एक अन्य अभियुक्त फ़रार है. मामले की जांच चल रही है."
बच्ची के एक रिश्तेदार चांदन पंचायत के उपमुखिया हैं.
बीबीसी से फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने 19 मार्च की घटना के बारे में बताया कि 'होली खेलने का कहकर गई बच्ची जब अगले दो घंटे तक घर वापस नहीं लौटी तो उसकी खोज शुरू हो गई. उसके छोटे भाई ने बताया कि दीदी को लाल रंग की टोटो (बैट्री से चलने वाला ई-रिक्शा) में बैठा कर ले गए हैं. जिसके बाद हम लोगों ने ई-रिक्शा वालों से जाकर पूछताछ की.'
क्या है पूरा मामला?
होली के दिन (19 मार्च) को जब सब उत्सव में डूबे थे तब पूजा मां से ये कहकर गई कि वो होली खेलने बाहर जा रही है. पूजा के साथ उसका पांच साल का भाई भी दोपहर तक़रीबन दो बजे घर से बाहर निकला था.
परिवार के मुताबिक, ई-रिक्शा वालों से पूछताछ के दौरान एक शख्स (अभियुक्तों में से एक) ने ये स्वीकार किया कि उसने पूजा को टोटो पर बैठे देखा था लेकिन उसे मालूम नहीं था कि वो बाद में कहां चली गई.
इसके बाद थाने में फ़ोन कर के मामले की जानकारी दी गई.

पीड़िता के रिश्तेदार के अनुसार, उसी रात को स्टेशन के पास एक सुंरग में बच्ची का शव बालू से ढका हुआ मिला. उसकी बाईं आंख फोड़ दी गई थी. उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था. नाक से ख़ून निकल रहा था. सिर्फ़ उसका पेट दिख रहा था.
परिवार वालों ने इसके बाद प्रशासन को सूचित किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया.
परिवार ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताते हुए चार स्थानीय निवासियों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करवाई है.
तीन लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है. एक व्यक्ति फ़रार बताया जा रहा है.
एसपी अरविंद गुप्ता ने दुष्कर्म की आशंका के सवाल पर कहा कि अभी जांच जारी है और हम लोगों ने लाल रंग के ई-रिक्शा को भी ज़ब्त कर लिया है.
घटना के सामने आने के दूसरे दिन इलाक़े की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के लिए फांसी की सज़ा की मांग की.
इससे पहले अगस्त 2021 में मुंगेर में आठ साल की एक बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला था. उस बच्ची की भी एक आंख निकालकर हत्या कर दी गई थी.

बिहार महिला समाज की अध्यक्ष सुशीला सहाय कहती हैं, "वक्त के साथ-साथ हिंसा के तौर-तरीके बदलते जा रहे हैं. बीच में वीडियो बनाकर बिहार में महिलाओं के साथ ब्लैकमेलिंग हो रही थी. जब ऐसा करने वालों को पहचाना जाने लगा तो अब महिलाओं और बच्चियों का दुष्कर्म करके नृशंस हत्याएं हो रही हैं.
ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ज़्यादातर आरोपी जान-पहचान के लोगों में से होते हैं, जिनके साथ छोटी बच्चियां बड़ी सहजता और भरोसे के साथ चली जाती हैं."
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