विभाजन से ना भारत सुखी, ना इस्लाम के नाम पर माँगने वालेः आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत- प्रेस रिव्यू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत

इमेज स्रोत, Getty Images

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश का विभाजन कभी ना मिटने वाली वेदना है और विभाजन को निरस्त करके ही इस पीड़ा को मिटाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "अगर हम एक मजबूत देश बनना चाहते हैं और दुनिया के कल्याण में योगदान देना चाहते हैं तो हिंदू समाज को क्षमतावान बनाना होगा. भारत के विभाजन की वेदना का समाधान, विभाजन को निरस्त करने में ही है."

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मोहन भागवत ने गुरुवार को कृष्णा नंद सागर की किताब 'विभाजनकालीन भारत के साक्षी' के विमोचन के दौरान ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा, "ख़ून की नदियां ना बहें इसलिए ये प्रस्ताव स्वीकार किया गया और नहीं करते तो उससे कई गुना ख़ून उस समय बहा और आज तक बह रहा है. एक बात तो साफ़ है विभाजन का उपाय कोई उपाय नहीं था. ना उससे भारत सुखी है और ना इस्लाम के नाम पर विभाजन की मांग करने वाले लोग सुखी हैं.''

"ये विभाजन उस समय की वर्तमान परिस्थिति का जितना नतीजा है उससे ज़्यादा इस्लाम के आक्रमण और ब्रिटिशों के आक्रमण का मिलकर नतीजा है. इस्लाम के आक्रमण से पहले भी भारत में कई आक्रमण हुए लेकिन वो लूट कर चले गए या यहीं पर रच-बस गए."

मोहन भागवत ने कहा, "इस्लाम के आक्रमण को लेकर गुरु नानक देव जी ने सावधान किया था कि ये आक्रमण हिंदुस्थान पर है, हिंदू समाज पर है किसी एक पूजा पर नहीं. इस्लाम की तरह निराकार की पूजा भारत में भी होती थी लेकिन उसको भी नहीं छोड़ा गया क्योंकि संबंध पूजा से नहीं बल्कि प्रवृत्ति से था. वो प्रवृत्ति कि हम ही सही हैं.''

जनरल बिपिन रावत

इमेज स्रोत, PIB

इमेज कैप्शन, जनरल बिपिन रावत

जनरल रावत के बयान पर भड़का चीन

चीन ने भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत के बयान पर नाराज़गी जाहिर करते हुए उसे गैर-ज़िम्मेदाराना और ख़तरनाक बताया है.

अंग्रेज़ी अख़ाबर दि हिंदू की ख़बर के अनुसार जनरल रावत ने इस महीने की शुरुआत में चीन को भारत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया था. उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है और संदेह बढ़ता जा रहा है.

इस पर चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सीनियर कर्नल और रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने आपत्ति जाहिर की है.

उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा, "भारतीय अधिकारी बेवजह तथाकथित चीनी सेना के ख़तरे की बात करते हैं जो दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन का गंभीर उल्लंघन है. ऐसे बयान भू-राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देते हैं. यह गैर-ज़िम्मेदाराना और ख़तरनाक हैं.''

नवजोत सिंह सिद्धू

इमेज स्रोत, EPA

पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल पर सिद्धू

पंजाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में ख़बर है कि सिद्धू ने गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि अगर सरकार ने बेअदबी की घटना और ड्रग्स के मामले में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की तो वह भूख हड़ताल पर चले जाएंगे.

सिद्धू ने कहा, "हज़ारों युवा नशे की लत में बर्बाद हुए हैं, माओं ने अपने बेटों को खोया है. कोर्ट का ऐसा कोई आदेश नहीं है जो रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से रोकता है. आपको रिपोर्ट सार्वजनिक करने से कौन रोकता है."

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये जानना ज़रूरी है कि पिछले साढ़े चार साल से पूर्व मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट पर क्या कर रहे हैं.

बेअदबी मामले में सिद्धू ने कहा, "नवजोत सिंह सिद्धू बेअदबी मामले में फिर से न्याय चाहता है. एक सरकार जाएगी तो दूसरी आएगी. एक मुख्यमंत्री जाएगा तो दूसरा आएगा. अगर बेअदबी मामले में न्याय नहीं तो सिद्धू सबसे बड़ा बिलदान देगा."

संसद

इमेज स्रोत, ANI

राज्यसभा के लिए बीजेपी ने जारी किया व्हिप

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि तीन कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के अपने इरादों का संकेत देते हुए बीजेपी सरकार ने अपने सभी राज्यसभा सदस्यों को शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है.

राज्यसभा में पार्टी के चीफ़ व्हिप शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, "बीजेपी के सभी सांसदों को सूचित किया जाता है कि 29 नवंबर को राज्यसभा में किसी महत्वपूर्ण मामले को चर्चा और पास कराने के लिए लाया जाएगा. बीजेपी के सभी सदस्यों से संसद में मौजूद रहने का अनुरोध किया जाता है."

शीतकालीन सत्र के पहले हफ़्ते में ही कृषि क़ानून लाने को लेकर एक मंत्री ने कहा, "ये पीएम मोदी के वादे को पूरा करने की सरकार की तीव्र इच्छा को दिखाता है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)