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ऐश से जुड़े आयोजन में आई सुष्मिता.. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अभिषेक बच्चन की फ़िल्म द्रोणा के प्रीमियर में शाहरुख़ खान अपने पूरे खानदान के साथ आए, ये तो सबने देखा. इसका मतलब ये निकाला गया कि अमिताभ और शाहरुख़ की दोबारा दोस्ती हो गई है. साथ ही ये भी समझा गया कि शाहरुख़ और अभिषेक की पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच 'चलते-चलते' की शूटिंग के दौरान जो तनाव हुआ था, वो तनाव भी दूर हो गया था. 'चलते-चलते' से ऐश्वर्या को निकाल कर रानी मुखर्जी को लिया गया था. लेकिन पार्टी में बहुत लोगों ने ये नहीं देखा कि ये शायद पहली बार हुआ कि ऐश के खानदान के किसी आयोजन में सुष्मिता आईं. पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की शुरू से नहीं बनी है. फिर ये चमत्कार कैसे हुआ. सच पूछो तो ये हुआ द्रोणा के निर्देशक गोल्डी बहल की वजह से. गोल्डी के निर्देशन में बनी पहली फ़िल्म 'बस इतना से ख़्वाब है' में अभिषेक और रानी मुखर्जी के साथ सुष्मिता सेन ने भी काम किया था. यही कारण है कि सुष्मिता द्रोणा के प्रीमियर में आईं. ********************************************** आमिर ने त्यागा मोबाइल फ़ोन
क्या आप मोबाइल फ़ोन के बिना एक दिन भी रह सकते हैं? मोबइल आने से पहले भी लोग काम करते थे लेकिन अब इसके बिना जीवन अधूरा लगता है. लेकिन आमिर खान जैसे कलाकार ने मोबाइल फ़ोन को त्याग दिया है. मानो या न मानो लेकिन जब से आमिर ने थ्री इडियट्स की शूटिंग शुरू की है तब से उन्होंने अपना फ़ोन अपनी सेक्रेट्री को सौंप दिया है. यानी कि अब अगर किसी को भी आमिर खान से बात करनी होती है तो उन्हें आमिर के सेक्रेट्री को फ़ोन लगाना पड़ता है. ये आमिर की ख़ासियत है कि जब वो किसी फ़िल्म की शूटिंग में जुट जाते हैं तो मोबाइल जैसी चीज़ों से दूर रहते हैं. सेट पर वे पसंद नहीं करते कि काम से ध्यान बटे. एक तरफ़ आमिर है और दूसरी ओर हैं अनुपम खेर जिनसे फ़ोन छूटते नहीं छूटता. कहा जाता है कि जब अनुपम ओम जय जगदीश बना रहे थे तो भी वे अपने फ़ोन पर लगे रहते थे. कलाकारों को सीन समझाकर वो किसी कोने में जा कर अपने फ़ोन पर शुरू हो जाते थे. कभी-कभी तो फ़िल्म में काम करने वाले कलाकारों को इस कलाकार (निर्देशक अनुपम खेर) के लिए घंटो इंतज़ार करना पड़ता था. ********************************************* 'सृष्टि को बचाना है...'
द्रोणा में एक डायलॉग है जो फ़िल्म में बार-बार दोहराया जाता है. वो ये है कि द्रोणा को सृष्टि को बचाना होगा. द्रोणा की भूमिका अभिषेक बच्चन निभा रहे हैं. अब क्योंकि फ़िल्म की निर्मात्री का नाम सृष्टि है. इसलिए जब ये डायलॉग वाले सीन की शूटिंग होती थी तब-तब अभिषेक बच्चन सृष्टि आर्या को चिढ़ाते थे कि उन्हें ही(अभिषेक) सृष्टि को बचाना होगा. अब जब द्रोणा इतनी बड़ी फ़्लॉप हो गई है तो ये ज़रूर है कि अभिषेक का कहा सच हो रहा है. कहने का मतलब है कि सृष्टि आर्या और इरोस को जो करोड़ो का नुकसान हुआ है उससे बचने के लिए अभिषेक को सृष्टि की अगली फ़िल्म में मुफ़्त में काम करना होगा. हाँ ये बात तो सच है कि जितने करोड़ो का नुकसान हुआ है उसे पूरा करने के लिए शायद अभिषेक बच्चन को सृष्टि की पांच-छह फ़िल्मों में बिना पैसा काम करना होगा. वैसे सृष्टि निर्देशक गोल्डी बहल की बड़ी बहन हैं. बच्चन और बहल परिवार में जैसी दोस्ती है अभिषेक सृष्टि की एक-दो फ़िल्में बिना फ़ीस लिए कर भी दें तो ताज्जुब की बात नहीं होगी. आख़िर अभिषेक की माँ जया बच्चन सृष्टि और गोल्डी के मरहूम पिता रमेश बहल को भाई मानती हैं. ******************************************** हिमेश की लकी डेट
हिमेश रेशमिया की नई फ़िल्म कर्ज़ बॉक्स ऑफ़िस पर क्या रंग लाती है ये तो दो हफ़्ते बाद ही पता चलेगा लेकिन रियालंस बिग पिक्चर्स जिसने फ़िल्म के सारे राइट्स् ख़रीदे हैं, इस फ़िल्म का ट्रायल शो आयोजित किया. बिग पिक्चर्स के बिग बॉस को ये इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने इसके राजस्थान टेरीटरी के वितरण अधिकार जिस वितरक को बेचे थे उससे वापस ले लिए हैं क्योंकि अब बिग पिक्चर्स ख़ुद इसे राजस्थान में रिलीज़ करेगी. वैसे कर्ज़ 17 अक्तूबर को रिलीज़ होने जा रही है. दीवाली के 11 दिन पहले कोई निर्माता अपनी फ़िल्म रिलीज़ नहीं करना चाहता, ख़ासकर ऐसी फ़िल्म जिसमें करोड़ों रूपए लगे हों. लेकिन हिमेश के ज्योतिषी ने रिलीज़ के लिए यही तारीख़ बताई है. और अगर हिमेश भाई के पंडितजी ने कह दिया तो वो पत्थर की लकीर से कम नहीं होगा. इसीलिए निर्माता भूषण कुमार ने भी रिलीज़ की तारीख़ बदलने की कोशिश नहीं की. पिछले साल भी हिमेश की फ़िल्म आप का सुरूर की रिलीज़ की तारीख़ 29 जून तय की गई थी. तब लोग हिमेश को बेवकूफ़ कह रहे थे क्योंकि उसी दिन अपने रिलीज़ हुई थी. लेकिन हिमेश अड़े रहे और उन्होंने अपने ज्योतिषी की बात मानी. हुआ ये कि अपने के सामने आप का सुरूर को तीन-चार गुना बेहतर ओपनिंग मिली. ******************************************* यादें रह जाती हैं... हाल ही में संजय सूरी ने कश्मीर में शू्टिंग की और उन्हें अपना बचपना याद आ गया. संजय कश्मीर के निवासी थे लेकिन जब वहाँ हालात ख़राब हुए तो उनके परिवार को बाक़ी सैकड़ों परिवारों की तरह कश्मीर छोड़ कर भागना पड़ा. दुख की बात ये है कि संजय के पिता चरमपंथियों के हाथों मारे गए. शूटिंग के दरमियान संजय अपना कश्मीर का घर भी देखने गए. हालांकि वो आशियाना भी उनका नहीं रहा. मगर यादें तो यादें हैं, उनको कौन छीन सकता है. *********************************************** अर्जुन कांट डांस..
टेलीवीज़न पर एक बार फिर नच बलिए शुरू हो रहा है और इस बार जजों को तौर पर होंगे फ़िल्म निर्देशक फ़राह खान, करिश्मा कपूर और बेहोश मत हो जाना-अर्जुन रामपाल. जी हाँ आपने सही पढ़ा-अर्जुन रामपाल. अब ये मत पूछना कि एक डांस शो को अर्जुन कैसे जज करेंगे क्योंकि उन्हें डांस करना आता ही नहीं है. इस सवाल का जवाब हमारे पास भी नहीं है. शायद चैनल के पास भी नहीं होगा. अर्जुन उन कलाकारों में से हैं कि जिन्हें डांस करते देख लो तो दर्शक शर्मा जाएँ या ख़ुद डांस करना भूल जाएँ. ये तो ऐसी बात हुई कि एक मांसाहारी खाने की दावत में शुद्ध शाकाहारी इंसान को कहा जाए कि खाना चख कर कहे कि अच्छा है या नहीं. |
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