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अमरीका में 'बॉलीवुड म्यूज़िक अवार्ड्स' संपन्न | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बॉलीवुड की फ़िल्में ही नहीं बल्कि गाने भी भारत के बाहर बेहद पसंद किए जाते हैं. यही वजह है कि अमरीका में संगीत और गानों के कद्रदान बॉलीवुड के संगीतकारों और गायकों को सम्मानित करने के लिए बॉलीवुड म्यूज़िक अवार्ड्स का आयोजन करते हैं. रविवार को इस वर्ष के पुरस्कार समारोह में बॉलीवुड के कई नामी गिरामी संगीतकार औऱ गायक शामिल हुए औऱ उनको पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया. न्यू जर्सी के एटलांटिक सिटी में मशहूर डोनल्ड ट्रंप कसीनो में फिर एक ऐसा ही मौक़ा था जब बॉलीवुड म्यूज़िक अवार्ड्स के समारोह में क़रीब 5000 संगीत प्रेमी भारत से आए दर्जनों बॉलीवुड के संगीतकारों और गीतकारों के गानों और संगीत का मज़ा ले रहे थे. यहाँ कुमार शानु, कैलाश खेर, सुखविंदर सिंह, अनुराधा श्रीराम, मीका सिंह जैसे कई कलाकार अपने फ़न का नमूना पेश कर रहे थे. संगीत प्रेमियों का दिल जीतने वालों में इंडियन आईडल संदीप आचार्य और करुण्य जैसे उभरते हुए कलाकार भी थे. बॉलीवुड म्यूज़िक अवार्ड्स के आयोजक राजीव डंडोना समारोह के बारे में कहते हैं, “यह पुरस्कार समारोह सबके लिए कुछ न कुछ लेकर आता है. फ़िल्मी, पॉप, रीमिक्स, भांगड़ा सभी प्रकार के संगीत इसमें शामिल होते हैं और संगीत प्रेमियों को भारत के अलावा अन्य देशों के गीतकारों को भी सुनने का मौका मिलता है.” रस रंग इश समारोह में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, और गयाना के भारतीय मूल के गायकों ने भी अपने कार्यक्रम पेश किए. पाकिस्तान की फ़िल्म आदाकारा और गायिका शाहिदा अमीन ने भी सुरीले गाने गाए. भारत की जानी-मानी वीजे सोफ़ी चौधरी ने अपना रीमिक्स 'इक परदेसी मेरा दिल ले गया...' गाना गाया.
कुमार शानु के गानों पर तो लोग झूम उठे. जब उन्होने 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे', 'आशिकी', '1942-ए लव स्टोरी' और 'बाज़ीगर' जैसी फ़िल्मों के पुराने गाने गाए तो पूरा हाल उनके साथ गाने गाता और नाचता नज़र आ रहा था. भारतीय मूल के हज़ारों लोगों के साथ हॉल में ग़ैर-भारतीय भी बड़ी तादाद में मौजूद थे. इस समारोह में दूर-दराज़ के इलाकों से गानों के शौकीन लोग संगीत का आनंद लेने आए थे. एक ऐसे ही बॉलीवुड प्रेमी रमेश पटेल नार्थ कैरोलाइना से कई घंटों का सफ़र तय करके एटलांटिक सिटी पहुंचे थे. उन्होंने बताया, “यहाँ बहुत मज़ा आ रहा है. यह थोड़ा अलग किस्म का मनोरंजन समारोह है जिसमें तरह-तरह के गायकों और संगीतकारों को सुनने का मौका मिल रहा है इसीलिए हम बहुत दूर से सफ़र करके यहाँ आए हैं.” संगीत को सम्मान इस मौक़े पर संगीत से जुड़े कलाकारों को जुलाई 2005 से लेकर जुलाई, 2006 तक उनके बेहतरीन संगीत और गायन के लिए सम्मान भी दिए गए. इनमें भारतीय कलाकारों के अलावा एक मशहूर अमरीकी कलाकार माइकल बोल्टन को भी अंतरराष्ट्रीय संगीत पुरस्कार से सम्मानित किया गया. माइकल बोल्टन को कई बार अमरीका के प्रतिष्ठित ग्रैमी अवार्ड से नवाज़ा जा चुका है. भारतीय मूल की अमरीकी संगीत जाज़, सोल और फ़ंक की मशहूर संगीतकार आशा पुथली को विश्व संगीत में उनके योगदान और उनकी जीवन भर की उपलब्धियों के लिए लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया. मुंबई में जन्मी आशा पुथली 1970 के दशक में ही अमरीका आ गई थीं. भारतीय शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित पुथली ने जाज़, सोल और फ़ंक संगीत में भी महारत हासिल की. 'साइंस फ़िक्शन' जैसे उनके कई एलबम काफ़ी मशहूर हुए. इस मौके पर भावविभोर आशा पुथली का कहना था, “यह मेरे लिए बड़े गर्व की बात है कि मेरे अपने लोग और ख़ासकर नई पीढ़ी भी मेरे गानों को पसंद करती है. जब मैने 1970 में अमरीका में जाज़ गाना शुरू किया था तो एक भारतीय महिला गायक को जाज़ गाते कोई सुनना नहीं चाहता था लेकिन अब हालात बहुत बदल गए हैं. अब तो भारत का हर तरफ़ नाम हो रहा है.”
पुरुषों में बेहतरीन गायक का पुरस्कार सुखविंदर सिंह को मिला जबकि सुनीधि चौहान को परिणीता फ़िल्म में गाने के लिए बेहतरीन महिला गायक का पुरस्कार दिया गया. सुखविंदर सिंह को ही ओंकारा फ़िल्म के टाइटल गीत के लिए इस वर्ष के बेहतरीन फ़िल्मी गीत का पुरस्कार दिया गया है. हिमेश रेशमिया को 'आशिक बनाया आपने...' के लिए इस साल का बेहतरीन संगीत निर्देशक करार दिया गया. भारतीय पॉप गायक कैलाश खेर को बेहतरीन पॉप एलबम और पुरूषों में बेहतरीन पॉप गायक के पुरस्कार दिए गए. संदीप आचार्य को बेहतरीन उभरते हुए कलाकार का पुरस्कार मिला. |
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