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अमिताभ का जादू सर चढ़कर बोला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सारी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री एक तरफ और अमिताभ बच्चन एक तरफ, यानी वन मैन इंडस्ट्री. ऐसा ही कुछ नज़ारा था जब शुक्रवार को अमिताभ बच्चन न्यूयॉर्क के लिंकन सेंटर में पधारे. इस मौक़े पर उनके चाहने वालों की दीवानगी देखते ही बनती थी. मौक़ा था उन्ही की फिल्मों के एक ख़ास महोत्सव का. अमिताभ बच्चन इस समारोह में अपने बेटे अभिषेक और पत्नी जया बच्चन के साथ शामिल हुए. उनके स्वागत के लिए घंटों पहले से ही लिंकन सेंटर के बाहर भारी भीड़ जमा थी. जैसे ही अमिताभ बच्चन की काली लिमूज़ीन कार गेट के पास आकर रुकी तो यह भीड़ बेक़ाबू हो गई. सारी सुरक्षा व्यवस्था धरी की धरी रह गई और बच्चे, बूढ़े, जवान, मर्द, औरतें, सभी ने अमिताभ बच्चन को घेर लिया. इनमें से बहुत से ऐसे थे जिन्होंने अपने चहेते फिल्म स्टार को पहली बार परदे से अलग रूबरू देखा. इन लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी, कोई हाथ मिला रहा था तो छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था, तो कोई उनके गले लगने की कोशिश कर रहा था, कुछ तो चीख़ चिल्ला कर अपना प्यार जता रहे थे. एक लड़की, जिसकी उम्र कोई 25 साल होगी, एक बोर्ड थामे हुए थी जिसपर लिखा था, "अमिताभ हम आपको प्यार करते हैं." जब अमिताभ अंदर चले गए तो मैंने इस लड़की से पूछा कि क्या आपको कोई जवाब भी मिला तो वह जोश से बोलीं, अमिताभ ने तो कुछ नहीं कहा, हाँ अभिषेक मुझे देखकर मुस्कुराए. लोकप्रियता अमरीका में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों में हिंदी फ़िल्में बेहद लोकप्रिय हैं. लेकिन इन चाहने वालों में सिर्फ़ दक्षिण एशियाई लोग ही नहीं बल्कि अमरीकी, अफ्रीकी, जापानी, रूसी सभी देशों के लोग शामिल थे.
अंदर सभागार में पहुँचे तो अमिताभ बच्चन का स्टेज पर आना था कि करीब पाँच हज़ार लोग उनके सम्मान में खड़े हो गए और कई मिनट तक तालियाँ बजती रहीं. फिर बॉलीवुड के बेताज बादशाह के चार दशकों के फ़िल्मी जीवन के ख़ास लम्हे भी इस मौक़े पर एक वृत चित्र के ज़रिए लोगों को दिखाए गए. इस ख़ास फ़िल्म समारोह में लिंकन सेंटर में अमिताभ बच्चन की तेरह फ़िल्में दिखाई गईं. 1970 में बनी फ़िल्म ‘आनंद’ से इस समारोह की शुरुआत हुई थी. 63 वर्षीय महानायक ने फिर हाल में मौजूद हज़ारों लोगों को अपने ख़ास अंदाज़ में दावत दी कि वे जो चाहें उनसे सवाल पूछ सकते हैं. यह सुनना था कि हज़ारों की संख्या में हाथ उठ गए. कुछ ने पूछा कि आप कब तक काम करेंगे तो कुछ यह जानना चाहते थे कि आप छुट्टी में क्या करते हैं. एक बच्चे ने सवाल किया कि हमारे दादा, हमारे पिता और मैं भी आपका फैन हूँ, तीन पीढ़ियों में अपने प्रशंसक क़ायम रखने में कामयाबी का राज़ क्या है. एक सवाल के जवाब में अमिताभ बच्चन बोले कि उन्हें अपने शराबी की भूमिकाएँ बहुत पसंद आती हैं. अमिताभ बच्चन ने अपने फ़िल्मी जीवन से पहले के समय का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह धनबाद की कोयला खान में काम करते थे. जब किसी ने पूछा कि अगर फिल्मों में न आते तो क्या करते तो अमिताभ बोले कि धनबाद की कोयला खान में कोयला खोदता रहता. आख़िर में अमिताभ बच्चन ने सबसे यह अपील भी की कि वह हिंदी फिल्मों की चोरी और नक़ल को रोकने में मदद करें. फिल्मों के रिलीज़ होने का इंतज़ार किया करें और हिंदी फिल्मों के जाली सी डी या कसेटों का बहिष्कार करें. |
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