BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 18 अक्तूबर, 2004 को 16:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एक दोस्ती और एक वादा

कार पर सैर
कार लेकर सैर पर निकल पड़ना एक शग़ल था दोनों दोस्तों का
एक दोस्त ने दूसरे दोस्त से 35 साल पहले एक वादा किया था. उस वक्त गोवा में फिल्म 'सात हिन्दुस्तानी' की शूटिंग चल रही थी.

एक दोस्त थे अभिताभ बच्चन और दूसरे थे अनवर अली.

मशहूर अभिनेता महमूद के भाई और फ़िल्मकार अनवर अली ने जो वादा अमिताभ बच्चन से लिया था वो ये था कि वे सार्वजनिक जिंदगी में शराब नहीं पीएँगे.

और वे अपने वादे पर क़ायम हैं.

हिन्दी फिल्मों के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने एक लंबा रास्ता तय कर लिया है और इतना ही रास्ता तय किया है अनवर अली के साथ उनकी दोस्ती ने.

इसी दोस्ती का एक पड़ाव है अनवर और उनकी पत्नी मोना माथुर अली की लिखी किताब "अमिताभ एंड आई" (अमिताभ और मैं).

अनवर और अमिताभ की पहली मुलाकात 'सात हिन्दुस्तानी' के वक़्त 1969 में ही हुई मुम्बई के सांताक्रूज हवाई अड्डे पर.

ये सिलसिला समय के साथ बढ़ता गया. अनवर ने 1982 में ख़ुद्दार फिल्म अमिताभ को लेकर बनाई जो बाँक्स आँफिस पर सुपर हिट थी- लेकिन उस फिल्म की रिलीज़ के वक्त अमिताभ मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे.

अनवर कहते हैं कि ऐसी हालत में भी अमिताभ को अनवर और उनकी फिल्म की चिंता लगी थी और ठीक होने पर पहला सवाल 'खुद्दार' के बारे में था.

अनवर अपने और अमिताभ के रिश्तों, अपनी दोस्ती को एक मिसाल करार देते है. जवानी से लेकर उम्र के साठवें पड़ाव तक अमिताभ के साथ. अनवर को यह कहने में फख़्र महसूस होता है, ''मैं उनकी एक-एक रग से वाक़िफ़ हूँ.''

जवानी के दिन और फिल्म इंडस्ट्री में अपने के साबित करने की कोशिश और जद्दोजहद तो जारी थी लेकिन जब भी मौका मिलता दोनों यार अनवर की जगुआर कार में अनवर की फ़्रेंच गर्लफ़्रेंड और उनकी एक और दोस्त के साथ मरीन ड्राइव की सैर पर निकल पड़ते.

जब गाड़ी में पेट्रोल और जेब में पैसा खत्म हो जाता तो गाड़ी को कहीं पार्क करके लोकल से घर लौटते.

जया से मुलाक़ात

एक बार बंगलौर से मुंबई लौटते वक्त अमिताभ की नई गाड़ी खराब हो गई और पूना के पास उन्हें रात गुजारनी पड़ी.

जया के साथ अमिताभ
किताब के अनुसार अमिताभ पहली मुलाक़ात में ही जया को दिल दे बैठे थे

इत्तेफ़ाक़न दोनों फ़िल्म इंस्टिट्यूट पहुँच गए और यहीं अमिताभ की मुलाकात हुई जया भादुड़ी से. और पहली ही मुलाकात में अमिताभ जया के क़ायल हो गए और बाद में दोनों विवाह बंधन में बंधे.

हालांकि अमिताभ को बहुत से लोग स्वभाव से शर्मीला बताते हैं लेकिन अनवर ने लिखा है ''जहाँ तक अमिताभ का सवाल है वो अंतर्मुखी तो हैं लेकिन मूड के साथ बदल भी जाते हैं.''

बक़ौल अनवर, अमिताभ बच्चन पर उनके पिता का बहुत प्रभाव था- "बाबूजी के संस्कार, उनकी भाषा, उनके विचार, उनके आदर्श- सब अमिताभ में मिलेंगे. और काफी हद तक ये गुण अमिताभ ने अभिषेक को विरासत में सौंपे हैं."

 बाबूजी के संस्कार, उनकी भाषा, उनके विचार, उनके आदर्श- सब अमिताभ में मिलेंगे. और काफी हद तक ये गुण अमिताभ ने अभिषेक को विरासत में सौंपे हैं
अनवर अली

अनवर ने किताब में डाँ. हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन से अपनी पहली मुलाकात के बारे में भी लिखा है.

ये मुलाकात दिल्ली के 13, विलिंगडन क्रेसेंट के बंगले में हुई, तब बच्चनजी राज्यसभा सदस्य थे. अमिताभ और अनवर मुंबई से राजधानी ट्रेन से दिल्ली पहुँचे थे.

फिलहाल अनवर अपनी दो फिल्में - 'कॉफी' और 'शून्य' बनाने के मशगूल हैं लेकिन अमिताभ बच्चन के लिए उनके पास हमेशा वक़्त है - चाहे वो इस साल की होली पार्टी का हुड़दंग हो या फिर सुबह चार बजे अमिताभ बच्चन के फोन की घंटी हो कि ''बीड़ू हाजी अली और बाबुलनाथ चलना है... अभी!''

अनवर अमिताभ के लिए हमेशा और हरदम साथ निभाने को तैयार भी हैं और उतावले भी.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>