“कबाली ! कबाली!”, पर फ़िल्म कैसी है क़बाली ?

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- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
सबसे पहली बात, किसी फ़िल्म को देखने के लिए फ़ैन्स जब रात तीन बजे से ही टिकट कांउटर पर लाईन लगा लें और फ़िल्म की रिलीज़ से पहले ही सिनेमाघर हाउसफ़ुल हो जाए तो आपको समझ लेना चाहिए कि इस फ़िल्म के हिट या फ़्लॉप होने में आपका रिव्यू कुछ काम नहीं करेगा.

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रजनीकांत की फ़िल्म को हिट होने के लिए किसी क्रिटिक के रिव्यू की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सुबह छह बजे का शो देखकर बाहर निकले दर्शकों का कहना है कि फ़िल्म बड़ी मनोरंजक है.
कबाली को हिट मुंबई के ऑरोरा थिएटर में हमने सुबह 6 बजे के शो में देखा, सिंगल स्क्रीन वाले इस हॉल के इतिहास में यह पहली बार था कि कोई फ़िल्म सुबह 6 बजे चलाई गई हो.

थिएटर के मालिक नंबीराजन ने बीबीसी को बताया, “फ़ैन्स का दवाब था कि फ़िल्म का शो रात को 3 बजे ही शुरू कर दिया जाए लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाज़त नहीं दी.”
थिएटर के बाहर रजनी के फ़ैन्स की भीड़ सैकड़ों में थी और लोग जल्दी से जल्दी अगले शो के शुरू होने का इंतज़ार कर रहे थे.

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हॉल में फ़िल्म देखने आए निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर ने बीबीसी को बताया, “अरे बड़ा कमाल का मज़ा आता है फ़ैन्स के साथ फ़िल्में देखने में और मैं तो रजनी सर का फ़ैन हूं तो इसलिए मेरे लिए यहां फ़िल्म देखना और इंपोर्टेंट हो जाता है.”
अब ये तो बात थी फ़ैन रिव्यू की, लेकिन क्या फ़िल्म भी इतनी कमाल की थी ?

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फ़िल्म की कहानी आपको टिपिकल रजनीकांत फ़िल्मों की तरह लगेगी जहां रजनी एक अच्छे दिल के आदमी हैं और गरीबों, दीन दुखियों के लिए दिल खोल कर समाज सेवा करते हैं.
उनके इस काम के लिए पैसा कहां से आता है इसका पता नहीं चलता लेकिन कुछ लोग उनको दबी ज़ुबान में डॉन कहते हैं.
कहानी फ़्लैशबेक में जाती है और ‘कबाली द डॉन’ के ‘कबाली द समाजसेवी’ बनने तक का सफ़र आता है.

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फिर एंट्री होती है एक चाईनीज़ बिज़नेसमैन की जो हर ग़लत काम करता है और क़बाली को बर्बाद कर देना चाहता है, क्या कबाली उसे रोक पाता है ?
अब इसका जवाब तो कोई फ़िल्म देखे बिना भी दे सकता है इसलिए कहानी तो साधारण और दोहराव वाली है लेकिन इस फ़िल्म में आप कहानी नहीं कबाली, यानि रजनीकांत को देखने गए हैं!
रजनी अपने फ़ैन्स को निराश नहीं करते, उनके एक एक डॉयलॉग में वो अदा है जो आपको सीटी बजाने पर मजबूर कर देगी और फिर हॉल का माहौल आपके ऐसा महसूस करा देगा कि आप सदी की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म देख रहे हैं.

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कबाली का अंत कुछ इस तरह हुआ है कि इस फ़िल्म का भाग 2 आना लगभग निश्चित है और उम्मीद है कि वो भी सुपरहिट रहेगा
अब एक आखिरी बात, सुल्तान के फर्स्ट डे फ़र्स्ट शो को कवर करते वक़्त मुझे लगा था कि सलमान बड़े स्टार हैं, लेकिन अब कबाली के पहले शो के बाद मुझे लगने लगा है कि रजनी स्टार हैं और बाकी सब....कबाली! कबाली!
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