एआर रहमान की जीवनी

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ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान मानते हैं कि इंसान को कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए.
रहमान कहते हैं, “हर इंसान की ज़िंदगी में कभी-न-कभी रुकावट आती है जब लगता है कि दुनिया ख़त्म हो गई है. लेकिन मैं कहूंगा कि ऐसे वक्त में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि अगर आप समाधान ढूंढेगे तो हर समस्या का समाधान है.”
ये बात रहमान ने मुम्बई में बुधवार को अपनी जीवनी के लॉन्च के मौके पर कही.
जानी-मानी लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर ने ए आर रहमान के जीवन पर ‘ एआर रहमान : द स्पिरिट ऑफ़ म्यूज़िक” नाम की किताब लिखी है.
किताब के लॉन्च पर नसरीन मुन्नी कबीर के अलावा रहमान के परिवारजन और फ़िल्ममेकर मणि रत्नम, राम गोपाल वर्मा, सुभाष घई, आशुतोष गोवारीकर और इम्तियाज़ अली भी मौजूद थे.
मद्रास के मोज़ार्ट के नाम से मशहूर रहमान न सिर्फ़ भारत बल्कि हॉलीवुड में भी आज एक जाना-पहचाना नाम हैं.
रहमान मानते हैं कि धुन बनाने के लिए विचार और प्रेरणा कुछ भी हो सकती है. वो कहते हैं, “गानों की धुन बनाने के लिए आइडिया अलग-अलग चीज़ों से मिल सकता है. कभी स्क्रिप्ट, कभी गाने के बोल तो कभी आप जिस टीम के साथ काम कर रहे हैं, वो भी प्रेरणा के स्रोत बन जाते हैं.”








