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क़ीमतें घटाने को तैयार नहीं कंपनियाँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कंपनियों ने वित्तमंत्री पी चिदंबरम के क़ीमतें घटाने के सुझाव को नकार दिया है और कहा है कि ऐसा करना उनके लिए संभव नहीं है. कंपनियों का तर्क है कि ऐसा करने से भी माँग में बढ़ोत्तरी की संभावना उन्हें नहीं दिखाई दे रही है. चिदंबरम ने वर्ल्ड इकॉनॉमिक फ़ोरम की बैठक में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मंगलवार को कहा था कि वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में माँग बरकरार रखने के लिए उन्हें क़ीमतों में कटौती करनी चाहिए. उन्होंने ऑटोमोबाइल, होटल, निर्माण और आवास क्षेत्रों और एयरलाइनों से कहा था कि वे क़ीमतों में कटौती करें. साथ ही उन्होंने वादा किया था कि जो क्षेत्र वैश्विक आर्थिक मंदी की आँच महसूस कर रहे हैं उनके लिए उत्पाद शुल्कों में कटौती की जाएगी. तीखी प्रतिक्रिया वित्तमंत्री के सुझाव पर कंपनियों की प्रतिक्रिया तीखी थी और उनका कहना था कि क़ीमतें कम करना उनके लिए संभव नहीं है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्र की कंपनियों ने अपनी मजबूरियाँ गिना दी हैं. मसलन दुपहिया बनाने वाली प्रमुख कंपनी बजाज के प्रमुख राहुल बजाज ने कहा कि दुपहिया की क़ीमतों में कटौती की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि उनका लाभ तो पहले ही घटकर 4-5 फ़ीसदी रह गया है. जबकि हीरो होंडा के बृजमोहन मुंजाल का कहना था कि क़ीमतों में कटौती से माँग में बढ़ोत्तरी की संभावना वे नहीं देख पा रहे हैं. इसी तरह आवासीय क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ी डीएलएफ़ के प्रमुख केपी सिंह ने क़ीमतों में कटौती के सुझाव पर पलटकर सुझाव देते हुए कहा है कि सरकार यदि व्यापार में बढ़ोत्तरी चाहती है तो उसे ब्याज दरों को नीचे लाकर सात प्रतिशत के आसपास रखने की कोशिश करनी चाहिए. ये माना जा रहा है कि वित्तमंत्री के सुझाव को विमानन कंपनियाँ ज़रुर अमल में ला सकती हैं लेकिन वे इसके लिए कुछ ठहरकर निर्णय लेना चाहती हैं. हालांकि उद्योग और व्यापार संघों ने वित्तमंत्री के सुझाव का स्वागत किया है लेकिन ज़ाहिर है कि उनके हाथ में करने को कुछ ख़ास नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें वित्तमंत्री ने क़ीमतें घटाने को कहा18 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स में गिरावट17 नवंबर, 2008 | कारोबार 'भारत में मंदी से ज़्यादा आशंका हावी'16 नवंबर, 2008 | कारोबार हवाई यात्रा सस्ती होने की संभावना15 नवंबर, 2008 | कारोबार भारत में महँगाई पर लगी लगाम13 नवंबर, 2008 | कारोबार औद्योगिक विकास दर में सुधार12 नवंबर, 2008 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत: मनमोहन11 नवंबर, 2008 | कारोबार रैनबैक्सी पर अब दाइची का अधिकार07 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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