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वित्तमंत्री ने क़ीमतें घटाने को कहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने ऑटोमोबाइल, होटल, निर्माण और आवास क्षेत्रों और एयरलाइनों से कहा है कि वे क़ीमतों में कटौती करें. उन्होंने वादा किया है कि जो क्षेत्र वैश्विक आर्थिक मंदी की आँच महसूस कर रहे हैं उनके लिए उत्पाद शुल्कों में कटौती की जाएगी. वर्ल्ड इकॉनॉमिक फ़ोरम के सम्मेलन में बोलते हुए पी चिदंबरम ने कहा, "होटलों को अपने दर घटाने चाहिए, आवासीय क्षेत्र की जो कंपनियाँ मकान और अपार्टमेंट बेच रहे हैं उन्हें अपनी क़ीमतें कम करनी चाहिए. एयरलाइनों को अपने किराए में कटौती करनी चाहिए." बाज़ार में घट रही माँग की समस्या से निपटने के लिए कुछ समय के लिए क़ीमतें घटाने को वैकल्पिक उपाय बताते हुए उन्होंने कहा, "कार और दुपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों को कुछ समय के लिए क़ीमतों में कमी लानी चाहिए." सीआईआई के इस सम्मेलन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती की ज़रूरत है तो वे ऐसा करने का वादा करते हैं. उन्होंने कहा, "यदि कोई क्षेत्र संकट झेल रहा है तो मैं एक्साइज़ टैक्स में कटौती के सुझाव पर विचार करने के लिए तैयार हूँ." इस साल के आर्थिक विकास पर संतोष ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा, "सकल घरेलू उत्पाद में अगले साल यानी 2009 के मध्य से फिर से तेज़ी आएगी." इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कह चुके हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी है और देश आर्थिक विकास के अपने लक्ष्य को हासिल कर लेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स में गिरावट17 नवंबर, 2008 | कारोबार 'भारत में मंदी से ज़्यादा आशंका हावी'16 नवंबर, 2008 | कारोबार हवाई यात्रा सस्ती होने की संभावना15 नवंबर, 2008 | कारोबार भारत में महँगाई पर लगी लगाम13 नवंबर, 2008 | कारोबार औद्योगिक विकास दर में सुधार12 नवंबर, 2008 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत: मनमोहन11 नवंबर, 2008 | कारोबार रैनबैक्सी पर अब दाइची का अधिकार07 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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