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हवाई यात्रा सस्ती होने की संभावना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में एक माह के भीतर तीसरी बार हवाई ईंधन की क़ीमतों में कटौती की गई है जिससे हवाई यात्रा सस्ती होने की संभावना बढ़ गई है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत घट कर 52 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाने से ऐसा संभव हुआ है. विमानों के एयर टर्बाइन फ्यूल की क़ीमत में पाँच हज़ार 580 रुपए प्रति किलोलीटर की कटौती की गई है. अगस्त के बाद से एटीएफ की कीमतों में यह पांचवीं कटौती है. ईंधन क़ीमतों में आई गिरावट के बाद उम्मीद की जा रही है कि यात्री किरायों में भी दस से पंद्रह फ़ीसदी की कमी आएगी. इससे पहले नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने अगले साल जनवरी से हवाई किरायों में कमी की उम्मीद जाहिर की थी. उन्होंने कहा है कि एटीएफ़ के दाम घटने का फायदा एयरलाइंस ग्राहकों को देंगी. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में हवाई किरायों में 30 से 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है. लागत में भारी वृद्धि के कारण संकट से घिर गई निजी एयरलाइन कंपनियों को केंद्र सरकार से कई तरह की राहत मिल चुकी है. सरकार ने एयरलाइंस को सुविधा दी है कि वे तेल कंपनियों के तीन हज़ार करोड़ रुपए के बकाये का भुगतान किश्तों में करें. | इससे जुड़ी ख़बरें जेट से निकाले गए कर्मचारी बहाल होंगे16 अक्तूबर, 2008 | कारोबार एयर इंडिया कर्मियों को छुट्टी का प्रस्ताव16 अक्तूबर, 2008 | कारोबार जेट से 1900 कर्मचारियों की छँटनी15 अक्तूबर, 2008 | कारोबार जेट-किंगफ़िशर के बीच हुआ समझौता13 अक्तूबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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