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जेट से निकाले गए कर्मचारी बहाल होंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निजी क्षेत्र की भारतीय विमानन कंपनी जेट एयरवेज़ के प्रमुख नरेश गोयल ने 1900 कर्मचारियों को हटाने का फ़ैसला वापस लेने की घोषणा की है. भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी जेट एयरवेज़ ने इससे पहले कहा था कि वह अपना ख़र्च कम करने के लिए अपने 1900 कर्मचारियों की नौकरियाँ ख़त्म कर रहा है. इस फ़ैसले के बाद जेट के कर्मचारियों ने मुंबई में ज़ोरदार प्रदर्शन किया था और कई मज़दूर संगठनों ने इस फ़ैसले का विरोध किया था. इसके बाद नरेश गोयल ने गुरुवार देर रात मुंबई में आयोजित प्रेस कॉंफ़्रेंस में कंपनी प्रबंधन के इस फ़ैसले को वापस लेने की घोषणा की. उनका कहना था, "प्रबंधन ने जैसा समझा, फ़ैसला किया. मुझे इसकी जानकारी नहीं थी. हमारे सारे कर्मचारी मेरे परिवार के बच्चे की तरह हैं. वो पिछले दो दिनों में जिस पीड़ा से गुजरे होंगे, उसका आभास मुझे है और मैं उनसे माफी माँगता हूँ." 'कटौती ज़रुरी लेकिन छँटनी नहीं' जेट एयरवेज़ के प्रमुख ने कहा, "बढ़ती लागत के कारण खर्चों में कटौती ज़रूरी हो गई है लेकिन हम अपने परिवार के किसी सदस्य को इसके लिए क़ुर्बान नहीं कर सकते. वे सब मिलकर मौजूदा स्थिति से निपटेंगे." उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि बर्ख़ास्त किए गए कर्मचारियों को पहले से कम वेतन पर बहाल किया जाएगा. ये पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने राजनीतिक दबाव में ये फ़ैसला किया, उनका कहना था, "ऐसा बिल्कुल नहीं है. मैं अपनी माँ की कसम खाता हूँ मैंने किसी के कहने पर ऐसा नहीं किया. जब मैंने अपने कर्मचारियों के आँखों में आँसू देखे तो मुझे एहसास हुआ कि प्रबंधन से ग़लती हुई है." लेकिन उन्होंने माना कि आज की स्थिति में कारोबार करना मुश्किल हो गया है क्योंकि लागत काफी बढ़ गई है और इससे निपटने के लिए उन्होंने सरकारी मदद की भी गुहार लगाई. | इससे जुड़ी ख़बरें जेट-किंगफ़िशर के बीच हुआ समझौता13 अक्तूबर, 2008 | कारोबार विमान कंपनियों को घाटे की चेतावनी02 जून, 2008 | कारोबार जेट ने हासिल किया एयर सहारा12 अप्रैल, 2007 | कारोबार इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंज़ूरी01 मार्च, 2007 | कारोबार जेट-सहारा समझौते पर सफ़ाई28 जून, 2006 | कारोबार जेट एयरलाइंस ने एयर सहारा को ख़रीदा 19 जनवरी, 2006 | कारोबार सौदा जेट और सहारा के फ़ायदे में19 जनवरी, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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