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विमान कंपनियों को घाटे की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ (आइटा) ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष विमान उद्योग को करीब 2.3 अरब डॉलर का घाटा होने वाला है. याद रहे कि आइटा ने पिछले अप्रेल माह में ठीक उलट विमान उद्योग को 4.5 अरब डॉलर का मुनाफ़ा होने की बात कही थी. आइटा विश्व की हवाई यात्रा कराने वाली 94 फ़ीसदी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है. आइटा ने इस घाटे के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमज़ोर होती विश्व अर्थव्यवस्था को ज़िम्मेदार ठहराया है. दिवालिया होने की आशंका आइटा ने कहा कि जब कंपनियों ने नए विमानों को खरीदने का सौदा किया था तब विश्व अर्थव्यवस्था में तेज़ी थी, लेकिन अर्थव्यवस्था में आई मंदी की वजह से विमान बनाने वाली कंपनियों ने विमानों के वितरण में देरी की. इससे समस्या और भी गंभीर हो गई. आइटा के महासचिव ग्योवानी बिसिग्नानी ने बीबीसी से कहा कि अनेक विमान कंपनियों के दिवालिया होने की आशंका है. "इसीलिए हम समझते हैं कि सरकारें, साझेदारों और ट्रेड यूनियनों को अभी से चेत जाना चाहिए कि यह आपातकाल है और उन्हें बहुत जल्दी कुछ उपाय और बदलाव करने होंगे." आइटा ने सलाह दी है देश टैक्सों की सीमा न बढ़ाएँ. आइटा ने ट्रेड यूनियनों से भी कहा है वो अत्याधिक वेतन बढ़ोतरी की मांग नहीं करें. | इससे जुड़ी ख़बरें जैव ईंधन की मदद से उड़ान भरी24 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना एयरबस ए-380 ने पहली यात्री उड़ान भरी25 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को चेतावनी13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'इंडियन' के कर्मचारी हड़ताल पर13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस उड़ने के लिए 'हल्का होना ज़रूरी'01 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रदूषण फैलाने वाली एअरलाइनों पर लगाम20 दिसंबर, 2006 | कारोबार इंडियन के बेड़े में नया सदस्य शामिल20 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ईयू और अमरीका में अहम समझौता06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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