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प्रदूषण फैलाने वाली एअरलाइनों पर लगाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ की एअरलाइन कंपनियों को भी अब पर्यावरण मानकों का पालन करना होगा. अधिक प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों को इसकी कीमत चुकानी होगी. यूरोपीय आयोग ने प्रस्ताव किया है कि उड्डयन उद्योग को भी जलवायु परिवर्त्तन की समस्या से निपटने में सहयोग देना चाहिए. पर्यावरण आयुक्त स्टैवरोस डिमास ने कहा कि 1990 से अब तक एअरलाइनों से ग्रीन हाउस गैसों की उत्सर्जन की मात्रा में 90 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यदि यह उद्योग इसी गति से बढ़ता रहा तो 2020 तक इसका स्तर दोगुना हो जाएगा. ग़ौरतलब है कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के कारण ही ओज़ोन परत को सबसे अधिक नुकसान पहुँच रहा है जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है. मानक उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह विमानों से उत्सर्जन बढ़ रहा है उससे ख़तरनाक गैसों का उत्सर्जन घटाने की अन्य कोशिशों को धक्का पहुँच रहा है. यह उन उड़ानों पर लागू होगा जो वर्त्तमान में तय स्तर से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कर रहे हैं. यूरोपीय संघ ने दो वर्ष पहले कार्बन ट्रेडिंग स्कीम की यह व्यवस्था शुरु की थी. इसके तहत कंपनियों को कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन का एक कोटा प्रदान किया गया था. इस कोटे से अधिक गैस उत्सर्जन करने पर उन्हें बाज़ार के उन कंपनियों से क्रेडिट ख़रीदना होता है जो आवंटित कोटे का पूरा-पूरा हिस्सा इस्तेमाल नहीं कर पाए हों. आयोग ने इस व्यवस्था को यूरोपीय संघ के भीतर के उड़ानों पर वर्ष 2011 और दूसरे उड़ानों पर वर्ष 2012 से लागू करने का प्रस्ताव किया है. एयरलाइन उद्योगों ने ऐसी स्थिति में किराए में बढ़ोतरी की धमकी दी है. इधर पर्यावरणविदों का मानना है कि यह प्रस्ताव प्रदूषण की रोकथाम में ज़्यादा कारगर नहीं साबित होगा. उल्टे उनका मानना है कि इससे एयरलाइनों का मुनाफ़ा और अधिक बढ़ सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें ग्लोबल वार्मिंग का ख़तरा पहले से ज़्यादा23 मई, 2006 | विज्ञान 'जलवायु परिवर्तन पर रिपोर्ट आँखें खोलने वाली'30 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'विमानों से पर्यावरण को गंभीर ख़तरा'04 जुलाई, 2004 | विज्ञान जलवायु मुद्दे पर अन्नान की चेतावनी15 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना लागू हो गई क्योटो संधि16 फ़रवरी, 2005 | विज्ञान ब्लेयर ने ग्रीनहाउस गैसों पर दी चेतावनी15 सितंबर, 2004 | विज्ञान ग्लोबल वार्मिंग पर मतभेद बरक़रार18 दिसंबर, 2004 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन पर बातचीत जारी रहेगी18 दिसंबर, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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