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ब्लेयर ने ग्रीनहाउस गैसों पर दी चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने दुनिया के अमीर देशों को चेतावनी दी है कि यदि वे ग्रीनहाउस गैसों को घटाने के लिए कदम नहीं उठाते तो नतीजे भयावह हो सकते हैं. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने ये चेतावनी लंदन में व्यवसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए दी. उनका कहना है कि वे अगले साल ब्रिटेन की जी-8 देशों की अध्यक्षता के दौरान अन्य देशों को इस गंभीर स्थिति के बारे में समझाने-बुझाने की कोशिश करेंगे. उनका कहना था कि यदि मानवजाती को त्रासदी से बचना है तो उसे अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा. ग्रीनहाउस गैसों के प्रदूषण से पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे जलवायु परिवर्तन हो रहा है. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने जलवायु परिवर्तन पर क्योटो समझौते का ज़िक्र करते हुए अमरीका की बात भी जिसने क्योटो समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और जहाँ इसका कड़ा विरोध होता रहा है. उनका कहना था कि ग्रीनहाउस गैसों में कमी लाने के साथ-साथ भी आर्थिक विकास हो सकता है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे विकासशील देशों को भी इस बारे में समझाने-बुझाने की ज़रूरत है. वैज्ञानिकों के एक दल ने 'नेचर' पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि दुनिया भर में हो रहे जलवायु परिवर्तन से इस शताब्दी के मध्य तक दुनिया में जानवरों और पौधों की दस लाख प्रजातियाँ लुप्त हो जाएँगी. |
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