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जलवायु परिवर्तन पर चेतावनी
दुनिया भर में हो रहे जलवायु परिवर्तन से इस शताब्दी के मध्य तक दुनिया में जानवरों और पौधों की दस लाख प्रजातियाँ लुप्त हो जाएँगी. ये चेतावनी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक दल ने अध्ययन के बाद 'नेचर' पत्रिका में छापी है. संयुक्त राष्ट्र के वातावरण कार्यक्रम के अध्यक्ष क्लॉस टॉएफ़र का कहना है,"यदि ऐसा हुआ तो विकासशील देशों में अरबों लोग को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि वे अपने खाने, आवास और दवा के लिए प्रकृति पर निर्भर हैं." वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में कटौती होती है तो इस स्थिति से बचा जा सकता है.
इस तरह सन 2050 तक विश्व के एक चौथाई जानवर और पौधे लुप्त हो सकते हैं. 'नेचर' पत्रिका में छपी इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि विश्व में 'ग्लोबल वॉर्मिंग' यानि लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण प्राणियों के प्राकृतिक आवास जीने के लायक नहीं रहे. इस अध्ययन में शामिल एक प्रमुख वैज्ञानिक क्रिस थौमस कहते हैं कि उन्हे संकेत मिले हैं कि बहुत से जीव बढ़ रहे तापमान से परेशान हो कर ठंडे स्थानों की खोज में इधर उधर जा रहे हैं. |
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