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ग्लोबल वार्मिंग पर मतभेद बरक़रार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि सम्मेलन बिना किसी समझौते के समाप्त हो सकता है. उन्होंने कहा है कि ये आशंका ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर दीर्घावधि योजनाओं को लेकर अमरीका और यूरोपीय संघ के बीच गहरे मतभेदों के कारण बनी है. दो सप्ताह पहले शुरू हुआ ये सम्मेलन समाप्त होने जा रहा है. ग्लोबल वार्मिंग पर नियंत्रण के लिए बनी क्योटो संधि अगले वर्ष फ़रवरी महीने से लागू होनेवाली है मगर ये संधि केवल 2012 तक ही रहेगी. यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि सम्मेलन ये चाहते हैं कि क्योटो संधि की अवधि गुज़रने पर क्या किया जाए इस बारे में अभी विचार किया जाए. यूरोपीय संघ के लोग चाहते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग पर नियंत्रण के भविष्य पर अनौपचारिक चर्चा अगले वर्ष से ही आरंभ कर दी जाए. मगर अमरीका का कहना है कि ये जल्दीबाज़ी होगा. कुछ अन्य देश भी अमरीका का साथ दे रहे हैं. |
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