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जलवायु परिवर्तन पर बातचीत जारी रहेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस एयरीस में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में बीच का रास्ता अपनाते हुए तय किया गया है कि आगे भी अनौपचारिक बातचीत जारी रखी जाएगी. क्योटो संधि के 2012 में ख़त्म होने के बाद पृथ्वी के तापमान को बढ़ने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँ, इस विषय पर आगे चर्चा होगी. दो हफ़्ते तक चले इस सम्मेलन में व्यापक विचार-विमर्श हुआ. यूरोपीय संघ और अमरीका के बीच मतभेद इस बारे में था कि क्योटो संधि के ख़त्म होने के बाद बातचीत किस तरह आगे बढ़ाई जाए. यूरोपीय संघ कई अनौपचारिक बैठकों के पक्ष में था लेकिन अंत में अमरीका की अगली मई में एक ही बैठक करने की माँग मान ली गई, चाहे ये बैठक कई दिन चलेगी. इससे पहले भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने चेतावनी भी दी थी कि सम्मेलन बिना किसी समझौते के समाप्त हो सकता है. लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका ने ग्रीनहाउस गैसों पर रोक लगाने या इस बारे में कोई विशेष कदम उठाने के बारे में कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई है. अर्जेंटीन के राजनयिक रौल एस्त्रादा ने कहा, "मई 2005 में होने वाली बैठक में अनौपचारिक तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान होगा ताकि जलवायु परिवर्तन के संबंध में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में कमी लाई जा सके." |
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