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हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने अचानक हड़ताल पर चले गए घरेलू एयरलाइन 'इंडियन' के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वे काम पर नहीं लौटे तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वैसे कार्रवाई की शुरुआत करते हुए सरकार ने 23 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए एक दिन का समय दिया है. उधर 'इंडियन' के 12 हज़ार से अधिक कर्मचारियों के मंगलवार की रात से अचानक देशव्यापी हड़ताल पर चले जाने से विमानतलों पर अफ़रातफ़री का माहौल है और उड़ाने बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी 'ग्राउंड-स्टाफ़' हैं और इनके न होने से चेक-इन से लेकर बैगेज संभालने वालों तक कोई भी काम पर नहीं है. ये कर्मचारी अपने लिए बेहतर वेतन और तरक्की की बेहतर नीति की माँग कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि सरकार को 'इंडियन' और 'एयर इंडिया' का विलय करना है तो दोनों सेवाओं के कर्मचारियों को समान सुविधाएँ देनी होंगी. चेतावनी केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि कर्मचारियों को अपने और एयरलाइन के भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम पर लौट आना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो सरकार को सख़्त क़दम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कर्मचारियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "हड़ताल जारी रहने की स्थिति में सरकार को 267 करोड़ रुपए के उस पैकेज पर भी विचार करना होगा जिसे सरकार ने संसाधनों की कमी के बावजूद स्वीकृत किया था." उनका कहना था कि इस पैकेज की घोषणा कर्मचारियों की सहमति के बाद की गई थी और इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली थी. उन्होंने कहा कि कर्मचारी बिना नोटिस दिए अचानक ही हड़ताल पर चले गए हैं और यह ग़ैरक़ानूनी है.
केंद्रीय मंत्री का कहना था कि एयरलाइन को यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ तो क़दम उठाने ही होंगे और एकाध दिन का समय देने के बाद प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था करने पर विचार करेगा. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि कर्मारियों को समझना चाहिए कि अब प्रतियोगिता का ज़माना है और यात्रियों के पास विकल्प मौजूद हैं. उड़ानों पर असर इस हड़ताल के चलते दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर और कोलकाता, सभी क्षेत्रों में घरेलू उड़ानों पर असर पड़ा है. यात्री विमानतल पर अटके पड़े हैं और उन्हें लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है. बाहर से आने वाले विमानों के सामान के लिए भी कई घंटे इंतज़ार करना पड़ रहा है. दुबई, कुआलालम्पुर, बैंकॉक और सिंगापुर सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका असर पड़ने के आसार हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एयर कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज़ यूनियन (एसीईयू) के महासचिव जेके बडोला ने कहा, "प्रबंधन के साथ हमारी बातचीत टूट गई है. उन्होंने वेतनमान फिर से निर्धारित करने का अपना वादा नहीं निभाया है इसलिए हम मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे से हड़ताल पर हैं." बडोला ने कहा है कि यह हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलेगी. 'इंडियन' के प्रवक्ता ने कहा है कि उड़ानों में विलंब हो सकता है लेकिन कोई बाधा नहीं आएगी. हालांकि उन्होंने यात्रियों को सलाह दी है कि वे कम से कम सामान लेकर यात्रा करने का प्रयास करें. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इंडियन' के कर्मचारी हड़ताल पर13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंज़ूरी01 मार्च, 2007 | कारोबार इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंजूरी21 फ़रवरी, 2007 | कारोबार हवाई अड्डा कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डा कर्मियों की हड़ताल जारी02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डों पर हड़ताल का मिलाजुला असर01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस एयरपोर्ट कर्मचारी हड़ताल पर | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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