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इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंज़ूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सरकारी क्षेत्र की विमानन कंपनियों इंडियन और एयर इंडिया के विलय को मंत्रिमंडल ने मंज़ूरी दे दी है. दोनों को मिला कर बनने वाली साझा एयरलाइन भारतीय विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी एयरलाइन होगी. इसका कारोबार लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक होगा. साझा एयरलाइन के पास करीब 130 विमान होंगे. एयर इंडिया ने 68 विमानों का आर्डर दिया है जबकि इंडियन एयरलाइंस की 43 नए विमान ख़रीदने की योजना है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई. इसके पहले भारत में सरकारी क्षेत्र की विमानन कंपनियों इंडियन और एयर इंडिया के विलय को मंत्री समूह ने मंजूरी दे दी थी. सरकार का कहना है कि दोनों कंपनियों के एकीकरण में एक या दो साल लग सकते हैं लेकिन विलय से एक बड़ी कंपनी अस्तित्व में आएगी. विलय पर लगभग दो अरब रुपए खर्च होंगे लेकिन सालाना लाभ में लगभग छह अरब रुपए की बढ़ोत्तरी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें अंग्रेज़ी नहीं तो विमान उड़ाने पर रोक15 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस एयरशो में उमड़ी विमान कंपनियाँ07 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस विमान उड़ाने से संन्यासी बनने का सफ़र19 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दिल्ली के विमानतल कोहरे से ढँके31 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस इंडियन के बेड़े में नया सदस्य शामिल20 अक्तूबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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