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दिल्ली के विमानतल कोहरे से ढँके | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में वर्ष 2006 का अंत कोहरे के साथ हुआ. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानतलों पर रात साढ़े नौ बजे के बाद से ही विमानों आना जाना रोक देना पड़ा. कोहरे की वजह से कई रेल यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है. कई अंतरराष्ट्रीय विमानों को रास्ता बदलना पड़ा, वहीं कई घरेलू उड़ानों को रद्द कर देना पड़ा. अधिकारियों के अनुसार रात साढ़े नौ बजे के बाद ही विमानतल पर 'विज़िबिलिटी' 50 मीटर से भी कम हो गई थी. इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर भेजा गया. दूसरे शहरों से आने वाली घरेलू उड़ानों को वापस भेजना पड़ा और कई उड़ाने रद्द करनी पड़ीं. इसके अलावा कोहरा होने के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ और वाहन सड़क पर धीमी रफ़्तार से रेंगते दिखाई पड़े. उल्लेखनीय है कि हर साल ठंड के दिनों में दिल्ली सहित पूरे उत्तरी भारत में कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात प्रभावित होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत23 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में घना कोहरा, उड़ानें स्थगित17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में कड़ाके की सर्दी08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस धुँध से उत्तर भारत में यातायात प्रभावित25 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तरी भारत शीत लहर की चपेट में23 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तर भारत शीत लहर की गिरफ़्त में 16 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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