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धुँध से उत्तर भारत में यातायात प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर भारत में छाई धुँध के कारण सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसी के साथ वहाँ दो हफ़्ते से चल रही शीत लहर भी और तीव्र हो गई है. समाचार एजेंसियों के अनुसार हज़ारों यात्री शनिवार और रविवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे और उत्तर भारत के कुछ अन्य हवाई अड्डों पर फँसे हुए थे. शनिवार रात को तो इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे पर उतरने और वहाँ से अन्य जगह जाने वाली सभी उड़ानों को स्थगित कर दिया गया. समाचार एजेंसियों के अनुसार घनी धुँध के कारण दिल्ली से 78 उड़ानें या तो रद्द हुईं या फिर स्थगित कर दी गईं. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अन्य शहरों की ओर मोड़ दिया गया.
इसी तरह दर्जनों रेलगाड़ियाँ देरी से चल रही थीं और सड़क यातायात में भी कठिनाई पेश आ रही है. समाचार एजेंसियों के अनुसार दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा में अंबाला और कालका, पंजाब में बठिंडा और पठानकोट, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल में घनी धुँध छाई हुई थी और शीत लहर भी ज़ोरों पर थी. मैदानी इलाक़ों में पंजाब के शहर अमृतसर में सबसे ज़्यादा ठंड थी और तापमान 0.6 डिग्री सेलसियस रहा. वहाँ तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तरी भारत शीत लहर की चपेट में23 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप30 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस जानलेवा सर्दी की मार | भारत और पड़ोस सर्दी ने क़हर ढाया | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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