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उत्तरी भारत शीत लहर की चपेट में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उत्तरी हिस्से में पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की सर्दी ने लोगों के दाँत बजा दिए हैं. पिछले कुछ दिनों में सर्दी और बारिश के हाथ मिलाने से तापमान काफ़ी नीचे चला गया है और सामान्य जनजीवन पर बड़ा असर पड़ा है. उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, दार्जिलिंग और श्रीनगर के अनेक हिस्सों में बर्फ़ गिरने से ठंड बहुत बढ़ गई है. हालाँकि शिमला जैसे कुछ इलाकों में लोगों ने हिमपात का आनंद लेते हुए स्केटिंग वग़ैरा भी की है, ख़ासतौर से पर्यटकों ने इसका लुत्फ़ उठाया है. जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को पूरे दिन बंद रहा जिसकी वजह से सैकड़ों वाहन राजमार्ग पर ही फँसे रहे और कश्मीर का सड़क संपर्क बाकी दुनिया से टूटा रहा. श्रीनगर के निकट जवाहर टनल के पास भारी बर्फ़ पड़ी है और रामबन और बनिहाल के निकट ज़मीन धँसने की घटनाएँ भी हुई हैं जिनकी वजह से यातायात पर भारी असर पड़ा है. राजधानी दिल्ली में भी लोग कड़ाके की सर्दी का सामना कर रहे हैं. हड्डियों में भी सिहरन पैदा करने वाली ठंडी हवाएँ चल रही हैं और अक्सर हल्की बारिश भी हो जाती है. दिल्ली का तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे चला गया है. इस बीच मौसम विभाग ने कहा कि आगले कुछ दिनों में हालत ऐसी ही रहने की संभावना है जिससे लोगों को कुछ और दिन ऐसी ही सर्दी में बिताने पड़ेंगे. |
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