|
दिल्ली में कड़ाके की सर्दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की राजधानी दिल्ली में रविवार को कड़ाके की ठंड रही और लोग सुबह जागे तब पारा शून्य के एकदम क़रीब जा चुका था. हालाँकि पिछले कुछ दिनों से ठंड लगातार पड़ रही थी और पारा नीचे गिरता जा रहा था लेकिन शनिवार-रविवार की रात जो ठंड पड़ी तो पारा 0.2 डिग्री तक गिर चुका था और टेलीविज़न चैनल बर्फ़ जमी हुई दिखा रहे थे. हालाँकि मौसम विभाग का कहना है कि ये बर्फ़ नहीं बल्कि पाला है. दिल्ली सरकार ने ऐसी ठंड देखने के बाद घोषणा की है कि अगले तीन दिन यानी बुधवार तक दिल्ली के स्कूलों में प्राईमरी की कक्षाएँ नहीं लगेंगी. राहत सिर्फ़ इतनी थी कि रविवार की सुबह धुंध नहीं थी और इसके कारण ट्रेन और विमान समय से पहुँचे और रवाना हुए. मौसम विभाग का कहना है कि इससे पहले दिल्ली में 1935 में पारा -0.6 (यानी शून्य से 0.6 डिग्री नीचे) चला गया था. इस लिहाज़ से इस समय भी दिल्ली में रिकॉर्ड तो नहीं टूटा है. मौसम विभाग के ऑपरेशन डायरेक्टर एससी भान ने बीबीसी को बताया कि पिछले दिनों पश्चिमी भाग में आई गड़बड़ी के कारण पहाड़ी हिस्सों में बर्फ़बारी हुई थी. उनका कहना है कि इसके बाद से उत्तरी भारत के मैदानी भागों में शीतलहर चल रही है जिसके कारण सभी उत्तरी भारत में पारा गिर गया है. आने वाले दिनों के मौसम के बारे में उनका कहना था कि अगले दो-तीन दिनों में तापमान ऊपर जाने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तरी भारत शीत लहर की चपेट में23 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस ख़ुश रहिए सर्दी से बचिए28 जुलाई, 2003 | विज्ञान दुनिया का मौसम और मॉनसून 22 जनवरी, 2003 | विज्ञान जानलेवा सर्दी की मार | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||