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एयरशो में उमड़ी विमान कंपनियाँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में तेज़ी से बढ़ रहे विमानन उद्योग के चलते बंगलौर में बुधवार से शुरु हुए एयरशो में दुनिया भर की पाँच सौ विमान कंपनियाँ उमड़ पड़ी हैं. पाँच दिन चलने वाले इस एयर शो में कई यात्री विमानों और सैन्य विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा. ख़ुद भारत सरकार अपने पुराने पड़ते लड़ाकू जहाज़ के बेड़े को बदलने के लिए 126 लड़ाकू विमान ख़रीदने की योजना बना रही है. विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों की राय है कि भारत में जिस तरह से विमानन व्यवसाय बढ़ रहा है, अगले दो दशकों में यहाँ कम से कम 1000 विमानों की ज़रुरत होगी. एक अनुमान है कि वर्ष 2010 तक भारत में विमान यात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी और हर साल कोई पाँच करोड़ लोग विमान यात्रा करने लगेंगे. छठें साल हो रहे इस एयर शो में 45 देशों के प्रतिनिधि और 35 देशों के वायुसेना के प्रमुख हिस्सा लेने पहुँचे हैं. संवाददाताओ का कहना है कि जो कंपनियाँ भारतीय वायुसेना से ऑर्डर मिलने की उम्मीद कर रही हैं, उनमें लॉकहीड मार्टिन, रुस की मिग-29 और स्वीडन की साब हैं. बोइंग और एयरबस जैसी कंपनियाँ भी कई यात्री विमानों का प्रदर्शन यहाँ कर रही हैं. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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