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शुक्रवार, 06 अक्तूबर, 2006 को 10:19 GMT तक के समाचार
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ईयू और अमरीका में अहम समझौता
एक विमान
अमरीका ने 9/11 के हमले के बाद यात्रियों के बारे में जानकारी की मांग रखी थी
अमरीका और यूरोपीय संघ ने विमान सेवाओं के यात्रियों के बारे में जानकारी एक दूसरे के साथ बाँटने का एक समझौता किया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी इस समझौते के बारे में ज़्यादा विवरण तो जारी नहीं किया गया लेकिन नया समझौता उस समझौते का स्थान लेगा जिसके तहत यूरोपीय एयरलाइन सेवाओं को 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अमरीका को जानकारी देनी होती थी.

उस समझौते को मई 2006 में यूरोपीय कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने रद्द कर दिया था जो एक अक्तूबर को समाप्त हो गया था क्योंकि यूरोपीय संघ और अमरीका इसके नवीनीकरण पर सहमत नहीं हो सके थे.

यूरोपीय अधिकारियों ने नए समझौते को यूरोपीय संघ के लिए "बहुत महत्वपूर्ण परिणाम" क़रार दिया है. इस समझौते पर नौ घंटों की भारी बहस के बाद सहमति बनी है.

नया समझौता जुलाई 2007 तक वैध होगा.

अमरीका ने 9/11 के हमलों के बाद से अपने वायु क्षेत्र में दाख़िल होने वाले विमानों में यात्रा करने वाले लोगों के बारे में और ज़्यादा जानकारी देने की माँग रखी थी.

ऐसी कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले यूरोपीय संघ के मंत्रियों को उसके बारे में सूचित किया जाता था.

इस नए समझौते पर विचार करने के लिए यूरोपीय संघ के राजदूत और न्याय मंत्रियों की बैठकें होने वाली हैं और एक स्थायी समझौते के बारे में नवंबर में वाशिंगटन में बातचीत शुरू होगी जिसमें यूरोपीय संघ का कूटनीतिक मिशन भाग लेगा.

नए सुरक्षा उपाय

यूरोपीय संघ के न्याय आयुक्त फ्रेंको प्रैटिनी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत यूरोपीय एयरलाइनों के यात्रियों के बारे में जानकारी अमरीकी को दी जाएगी.

अब अमरीकी अधिकारियों को वही जानकारी मिल सकेगी जो किसी एयरलाइन के कंप्यूटर सिस्टम से भेजी जाएगी. इससे पहले अमरीकी अधिकारी किसी भी यूरोपीय एयरलाइन के कंप्यूटर सिस्टम से जब चाहे अपनी मर्ज़ी से कोई जानकारी हासिल कर सकते थे.

फ्रैटिनी ने कहा कि यह जानकारी अमरीका के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय (होमलैंड सिक्योरिटी) को भेजी जाएगी जो उसे आतंकवाद निरोधक एजेंसियों को मुहैया कराएगा.

फ्रेंको फ्रेटिनी ने संवेदनशील जानकारी के वितरण पर उठी चिंताओं के बारे में कहा कि नई व्यवस्था में जानकारी वितरण आसान बनाया जाएगा लेकिन एफ़बीआई जैसी एजेंसियों को उस जानकारी तक बिना शर्त इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पहुँचने की इजाज़त नहीं होगी.

फ्रैटिनी ने कहा कि नई व्यवस्था का साल 2006 के अंत तक परीक्षण किया जाएगा.

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