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यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोप के कुछ देशों में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की गुप्त जेलों के मामले की जाँच कर रहे स्विस सीनेटर डिक मार्टी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट यूरोपीय परिषद को सौंप दी है. मार्टी ने कहा है कि इस बात की बहुत संभावना है कि कुछ यूरोपीय देशों की सरकारों को इसकी जानकारी रही हो कि बंदियों को ऐसे देशों में भेजा जा रहा था जहाँ उन्हें प्रताड़ित किए जाने की संभावना थी. मार्टी ने कहा है कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध लोगों को दूसरे देशों में ले जाने की इस प्रक्रिया में हाल के वर्षों में एक सौ से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए होंगे. मार्टी ने मिस्र के राजनीतिक शरणार्थी अबू उमर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें सीआईए ने इटली से ढाई साल पहले अपहृत करके मिस्र ले जाया गया था और वहाँ उन्हें प्रताड़ित किया गया था. डिक मार्टी ने कहा है कि यह मामला उस ज़ंजीर की एक कड़ी भर है जो अमरीका से बाहर बंदियों की प्रताड़ना की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया की तरफ़ इशारा करता है. हालाँकि स्विस सांसद डिक मार्टी ने यह भी कहा कि वह इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं कि सीआईए ने यूरोप में अपनी गुप्त जेलों का इस्तेमाल बंदियों से पूछताछ के लिए किया था या नहीं. यूरोपीय परिषद में बीबीसी संवाददाता टिम फ्रैंक्स का कहना है कि डिक मार्टी की रिपोर्ट में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किए गए हैं. अमरीका यह तो स्वीकार करता है कि उसने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध लोगों को पकड़ा लेकिन इन आरोपों का खंडन करता है कि उन अभियुक्तों को अरब देशों में ले जाया गया जहाँ उन्हें प्रताड़ित किया गया. अमरीका ने यूरोपीय देशों में गुप्त जेलें होने के आरोपों की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है. डिक मार्टी ने इस जाँच के बारे में 14 जनवरी को कहा था कि उन्हें इसमें ज़रा भी शक नहीं है कि यूरोप के कुछ देशों में ऐसी जेलें अस्तित्व में रही हैं. यूरोपीय परिषद ने स्विस सीनेटर डिक मार्टी ने नवंबर 2005 में जाँच शुरू की थी. यूरोपीय परिषद यूरोप में मानवाधिकारों की स्थिति पर नज़र रखने वाली सर्वोच्च संस्था है. डिक मार्टी ने आरोप लगाया है कि अमरीका ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है और यूरोपीय देशों ने भी इस तरह के उल्लंघनों के प्रति 'कष्ट पहुँचाने वाली' निष्क्रियता दिखाई. डिक मार्टी ने कहा है कि उनका विश्वास है कि सीआईए ने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में लगभग 150 लोगों को पकड़ा और उन्हें पूर्वी यूरोप के कुछ देशों में गुप्त स्थानों पर भेजा जहाँ उन्हें प्रताड़ित किया जा सकता है. डिक मार्टी ने यूरोपीय सरकारों की यह कहते हुए आलोचना की कि उन्हें मालूम रहा होगा कि क्या हो रहा है लेकिन वे ख़ामोश रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें रही हैं'14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना लोगों की जासूसी का आदेश दिया: बुश17 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गुप्त जेलों की जाँच के लिए समिति14 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सीआईए के बारे में दावे 'विश्वसनीय'13 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गुप्त जेलों के मामले पर राइस का भरोसा08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीकी नीति में 'बदलाव'07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए पर मुक़दमा करेगा एक संगठन'03 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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