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बुश के फ़ैसले के पीछे मुख्य कारण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने "आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध" के बंदियों के मामले में जो फ़ैसला किया है उससे उनकी नीति की आलोचना कुछ हम तो होगी लेकिन ऐसा नहीं कि आलोचना बिल्कुल ही रुक जाएगी. राष्ट्रपति बुश ने ऐसा चार कारणों से किया है. पहला - क़ानूनी अनिवार्यता अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन के ड्राइवर के मामले में जून में रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ फ़ैसला सुनाते हुए कहा था कि ग्वांतानामो बे शिविर के बंदियों के मामलों की सुनवाई करने वाले सैनिक ट्राइब्यूनलों और आयोगों को काम करने के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी ज़रूरी होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये ट्राइब्यूनल और आयोग सिर्फ़ राष्ट्रपति की इज़ाज़त के साथ काम नहीं कर सकते. न्यायालय ने आगे कहा था कि आयोगों को बेहतर क़ानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी. इसलिए राष्ट्रपति बुश को एक ऐसे क़ानून की पेशकश करनी थी जिसे कांग्रेस के सामने रखा जा सके. दूसरा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव अनेक देशों में सीआईए की ख़ुफ़िया जेलों के मामले में राष्ट्रपति पर दबाव था कि वे इस बारे में स्थिति स्पष्ट करें और पूछताछ के लिए सख़्त तरीका अपनाने बारे में उठे विवाद से भी पर्दा उठाएँ. ख़ासतौर से यूरोपीय देश संदिग्ध लोगों को सीआईए की गुप्त जेलों में पहुँचाने या वहाँ से निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाली उड़ानों को लेकर ख़ासे नाराज़ थे. इस बारे में यूरोपीय काउंसिल की एक रिपोर्ट में तीखी टिप्पणियाँ की गई थीं. बंदियों के साथ अमानवीय और प्रताड़ना भरे बर्ताव की तीखी आलोचना हुई थी. तीसरा, समय बीतना समय बीतने के बाद राष्ट्रपति को यह कहने का मौक़ा मिला है कि अल क़ायदा के जो कथित सदस्य हिरासत में थे उन्होंने वो सबकुछ बता दिया है जिसे जानने की ज़रूरत थी इसलिए अब सीआईए की गुप्त जेलें ख़ाली की जा सकती हैं और संदिग्ध लोगों पर उन नए नियमों के तहत मुक़दमे चलाए जा सकते हैं जो कांग्रेस निर्धारित करेगी. लेकिन उन्होंने दो चेतावनी भी दी हैं - एक तो ये कि अगर और संदिग्ध पकड़े जाते हैं तो सीआईए ऐसी गुप्त जेलें फिर से खोलने के लिए तैयार है और राष्ट्रपति संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने वालों के ख़िलाफ़ मुक़दमों पर रोक लगाने के लिए क़ानून चाहते हैं. चौथा, नवंबर में कांग्रेस के चुनाव बुश और उनके प्रशासन ने यह फ़ैसला काफ़ी सोच-समझकर किया है ताकि अमरीकी लोगों की आम राय का रुख़ इराक़ मुद्दे से हटाकर "आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध" की तरफ़ मोड़ा जा सके, इराक़ युद्ध को सही ठहराते हुए कहा जा सके कि इराक़ युद्ध "आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध" का ही एक हिस्सा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें गुप्त जेल कार्यक्रम पर बुश की आलोचना07 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने माना, सीआईए की गुप्त जेलें हैं06 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना जनरल हेडन होंगे सीआईए प्रमुख26 मई, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी24 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें रही हैं'14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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