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बुश ने माना, सीआईए की गुप्त जेलें हैं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पहली बार माना है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की गुप्त जेलें हैं और कहा है कि 14 प्रमुख 'संदिग्ध आतंकवादियों' को क्यूबा में ग्वांतानामो बे भेज दिया गया है. इन संदिग्धों में ग्यारह सितंबर के हमलों का सूत्रधार ख़ालिद शेख़ मोहम्मद शामिल है, जिसे सीआईए की हिरासत में रखा गया था. अब उस पर मुक़दमा चलाया जाएगा. राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि सीआईए का पूछताछ कार्यक्रम बहुत विस्तृत है. इससे पहले सीआईए के इस विवादित कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई थी. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि सीआईए की दुनिया भर की ख़ुफ़िया जेलों में की गई पूछताछ से कई अहम जानकारियाँ मिली हैं और इसकी वजह से कई बड़े आतंकी हमले को रोका जा सका है. उन्होंने कहा कि इन जेलों में कड़ी पूछताछ की जाती है लेकिन इस बात से इंकार किया कि इसमें प्रताड़ित किया जाता है. उनका कहना था कि सभी संदिग्धों को लेकर जेनेवा समझौते का पालन किया गया. नए दिशा-निर्देश
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे सीआईए के पूछताछ कार्यक्रम का सीमित विवरण दे रहे हैं क्योंकि अब इन संदिग्धों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जाना है. इससे पहले बुश प्रशासन इन सभी लोगों के ख़िलाफ़ एक सैन्य आयोग में मामला चलाना चाहता था लेकिन अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक संसद इसकी मंज़ूरी न दे ऐसा करना ग़ैरक़ानूनी होगा. उन्होंने कहा कि वे संसद से ऐसी मंज़ूरी देने के लिए अनुरोध करेंगे. इससे पहले अमरीकी रक्षाविभाग ने बुधवार को नए नियम क़ायदे जारी करते हुए इन संदिग्ध लोगों को जेनेवा समझौते के तहत सुरक्षा देने का फ़ैसला किया है. इससे पहले अमरीकी रक्षा विभाग कहता रहा था कि ये सभी संदिग्ध ऐसी कोई सुरक्षा पाने के हक़दार नहीं है. नए समझौते के तहत क़ैदियों को किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया जा सकेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना जनरल हेडन होंगे सीआईए प्रमुख26 मई, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी24 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें रही हैं'14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सभी बंदियों तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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