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सभी बंदियों तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने पहली बार अपनी हिरासत में मौजूद सभी बंदियों तक रेड क्रॉस को पहुँचने की इजाज़त नहीं देने की बात मानी है. विदेश विभाग के क़ानूनी सलाहकार जॉन बेलिंजर ने यह स्वीकारोक्ति की है लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया है कि रेड क्रॉस की पहुँच से दूर रखे गए क़ैदी वास्तव में हैं कहाँ. जिनीवा में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अमरीकी हिरासत में मौजूद हर क़ैदी तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं होने की बात मानी. हालाँकि बेलिंजर ने माना कि ग्वांतानामो बे के हर क़ैदी तक रेड क्रॉस के प्रतिनिधी पहुँच सकते हैं. संवाददाताओं के अनुसार अमरीका की इस स्वीकारोक्ति से इन अटकलों को ही हवा मिलेगी कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रों से दूर गुप्त जेल चला रही है. गुप्त जेल चलाने का आरोप अभी तक अवैध जेलों के आरोप पर अमरीकी बयानों में शब्दों को नाप-तौल कर रखा जाता रहा है. अमरीकी रक्षा विभाग की जेलों से अलग सीआईए की जेलों के बारे में कुछ भी नहीं कहा जाता था. इस बीच रेड क्रॉस के प्रवक्ता फ़्लोरियन वेस्टफ़ाल ने कहा है कि गुप्त रूप से रखे गए क़ैदियों तक पहुँचने देने के मुद्दे पर बातचीत जारी है. मानवाधिकार संस्थाओं को संदेह है कि गुप्त ठिकानों पर रखे गए क़ैदियों को प्रताड़ित भी किया जाता होगा. हालाँकि विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इसी सप्ताह अपनी यूरोप यात्रा के दौरान बार-बार प्रताड़ना के आरोपों का खंडन किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें यातना से जुटाए सबूत मान्य नहीं08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की निंदा08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीकी नीति में 'बदलाव'07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना राइस का यंत्रणा के आरोपों से इनकार05 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए के विमान जर्मनी में उतरे'04 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना ख़बरें 'प्लांट' करने की बात 'मानी'01 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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