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गुरुवार, 01 दिसंबर, 2005 को 19:46 GMT तक के समाचार
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ख़बरें 'प्लांट' करने की बात 'मानी'
कितने विश्वसनीय हैं ये लिखे शब्द
अमरीकी सेना ने परोक्ष रूप से क़बूल किया है इराक़ में अपनी छवि सुधारने के लिए वो वहाँ के अख़बारों में लेख छपवाने का ऑपरेशन चला रही है.

व्हाइट हाउस ने इस बारे में चिंता का इज़हार किया है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैकक्लेलन ने कहा कि अमरीका दुनिया भर में स्वतंत्र मीडिया के प्रसार का पैरोकार रहा है, ऐसे में इराक़ से मिल रही ख़बर चिंतनीय है.

उन्होंने कहा, "इन रिपोर्टों को लेकर हम चिंतित हैं. हम पेंटागन से और जानकारी ले रहे हैं. हमें तथ्यों का पता चलना चाहिए."

इससे पहले 'लॉस एंजिल्स टाइम्स' की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अमरीका की अच्छी छवि उभारने वाले लेख छपवाने के लिए अमरीकी रक्षा विभाग ने इराक़ी अख़बारों को गुप्त भुगतान किया है.

अख़बार ने आरोप लगाया कि अमरीका की छवि चमकाने वाले लेख अमरीकी सैनिकों द्वारा लिखित होते हैं जिसे एक ठेकेदार अरबी में अनुवाद कराके अख़बारों में छपवाने में सहायता करता है.

अख़बार के अनुसार ऐसे लेखों को बाद में स्वतंत्र पत्रकारों की राय के रूप में पेश किया जाता है.

 इन रिपोर्टों को लेकर हम चिंतित हैं. हम पेंटागन से और जानकारी ले रहे हैं. हमें तथ्यों का पता चलना चाहिए.
व्हाइट हाउस

आरोप लगाया है कि ऐसे लेख भले ही तथ्यों पर आधारित हों, लेकिन इनमें एकतरफ़ा राय पेश की जाती है.

अख़बार के अनुसार ऐसे लेखों में अमरीकी सेना या इराक़ी सरकार के ख़िलाफ़ जाने वाली बातों को भी नहीं रखा जाता है.

आरोप में दम

इस बारे में पूछे जाने पर बग़दाद में अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इराक़ में सक्रिय चरमपंथी अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी भी वहाँ की मीडिया का इस्तेमाल कर रहा है.

अमरीकी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल रिक लिंच ने कहा, "ज़रक़ावी लोगों का अपहरण कर रहा है, लोगों के सिर काट रहा है, धमाके कर रहा है- ये सब इसलिए कि वो अंतरराष्ट्रीय प्रचार पा कर असल से कहीं ज़्यादा प्रभावी दिखे."

उन्होंने कहा, "वो (ज़रक़ावी) इराक़ी जनता से झूठ बोल रहा है. हम झूठ नहीं बोल रहे. हमें झूठ बोलने की ज़रूरत नहीं है."

जनरल लिंच ने कहा, "हम अपने ऑपरेशनल कमांडरों को इराक़ी जनता तक सूचना पहुँचाने के क़ाबिल बनाते हैं, लेकिन जो कुछ भी कहा जाता है सब तथ्यों पर आधारित होता है."

बग़दाद से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार ताज़ा रहस्योदघाटन इराक़ में पारदर्शिता की बात करने वाली अमरीकी सेना के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई है.

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