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चरमपंथी क़ैदियों से बर्ताव पर सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संदिग्ध चरमपंथियों से बर्ताव और पूछताछ के तौर-तरीक़ों के मुद्दे पर बुश प्रशासन और बाग़ी रिपब्लिकन सीनेटरों के बीच सहमति बन गई है. इस पर एक हफ़्ते तक गंभीर चर्चा चलती रही. इस बारे में बहुत विस्तृत जानकारी नहीं मिली है लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय के अनुसार इस सहमति के बाद गुप्तचर एजेंसी सीआईए संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर पाएगी और उन पर सैन्य अदालतों में मुक़दमे चलाए जा सकेंगे. इसे ग्वांतानामो बे में क़ैद लोगों पर मुकदमों को लेकर अहम माना जा रहा है. अधिकारों का संरक्षण अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफ़न हैडली की रिपब्लिकन सीनेटरों के साथ बैठक के दौरान ये सहमति बनी. इससे पहले बुश की ही रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटरों ने कहा था कि संदिग्ध चरमपंथियों की हिरासत के बारे में प्रस्तावित क़ानून में क़ैदियों के अधिकारों के संरक्षण की व्यवस्था नहीं है. सीनेटरों के साथ बनी ताज़ा सहमति के बाद बुश ने कहा, "मुझे ये कहते हुए ख़ुशी हो रही है कि ये समझौता अमरीका की रक्षा के लिए और आतंकवादी हमलों को नाकाम बनाने के लिए मौजूद एकमात्र प्रभावी उपाय को संरक्षित करता है. ये उपाय है दुनिया के सर्वाधिक ख़तरनाक आतंकवादियों से उनके रहस्य उगलवाने का सीआईए का कार्यक्रम." बीबीसी संवाददाता का मानना है कि जेनेवा संधि के तहत तय मानदंडों की शर्त पूरी करने के बारे में नियम और स्पष्ट होंने की संभावना दिखाई दे रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें हमलों की बरसी पर श्रद्धांजलि सभा11 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ग्यारह सितंबर के हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि10 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में शिया त्यौहार शांतिपूर्ण गुज़रा09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना जॉर्ज बुश की भाषा से नाराज़गी09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम का अल क़ायदा से संबंध नहीं था'08 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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