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जॉर्ज बुश की भाषा से नाराज़गी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में 11 सितंबर के हमले के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कई बार कहा था कि मुसलमान अमरीका के विरोधी नहीं हैं. लेकिन पिछले पाँच सालों के बाद अमरीकी मुसलमान नेताओं का कहना है कि राष्ट्रपति बुश ने अपने इस संदेश पर कम ही ध्यान दिया है. मुसलमान नेता राष्ट्रपति बुश की उन टिप्पणियों से भी निराश हैं जिनमें उन्होंने 'इस्लामी फ़ासिस्ट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है. राष्ट्रपति बुश ने इस शब्द का इस्तेमाल हिज़्बुल्ला और ब्रिटेन में विमानों में विस्फोट की कथित साज़िश रचने के मामले में गिरफ़्तार लोगों के लिए किया था. मुस्लिम पब्लिक अफ़ेयर्स काउंसिल के नेशनल डायरेक्टर अहमद युनूस का कहना है कि राष्ट्रपति बुश की इस टिप्पणी से उदार मुसलमानों की बड़ी आबादी का भी अपमान हुआ है. उन्होंने बीबीसी को बताया, "इस शब्द का इस्तेमाल इस्लाम पर सवाल उठाता है और इस विचार को हवा देता है कि इस्लाम और पश्चिम के बीच सभ्यता का संघर्ष है." गतिविधियाँ उन्होंने कहा कि हिंसा का समर्थन करने वाले मुसलमानों की कार्रवाई को उनके धर्म से जोड़ना ठीक नहीं. अहमद युनूस ने कहा, "उनके फ़ासीवाद में इस्लामिक क्या है. मोहम्मद साहब ने भी कहा है और क़ुरान में स्पष्ट है कि इस तरह की गतिविधियाँ में शामिल लोग मुसलमान नहीं." पिछले दिनों अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने लेबनान के हिज़्बुल्ला और ब्रिटेन में विमान में विस्फोट की कथित साज़िश रचने के मामले में गिरफ़्तार लोगों को इस्लामी फ़ासिस्ट कहा था. जॉर्ज बुश की इस टिप्पणी के बाद अमरीकी-इस्लामी संबंध परिषद ने उन्हें पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज की है. परिषद के चेयरमैन परवेज़ अहमद ने बुश के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इससे उस भावना को बल मिलता है कि जिसमें कहा जाता है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध दरअसल इस्लाम के ख़िलाफ़ युद्ध है. ग़लती अहमद युनूस का कहना है कि राष्ट्रपति की टिप्पणी ग़लती थी और उनका भाषण लिखने वालों को आगे से इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सेंटर फ़ॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ के सुरक्षा विशेषज्ञ डेनियल बेंजामिन भी इस बात से सहमत हैं कि 'इस्लामी फॉसिस्ट' शब्द का इस्तेमाल अर्थहीन है. मिशिगन के डियरबॉर्न शहर में मुस्लिम समुदाय की एक कार्यकर्ता ज़िनाब चामी का कहना है कि प्रशासन ने लोगों को डराने के लिए नया शब्द चुन लिया है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आतंकवाद शब्द का प्रभाव थोड़ा कम हुआ है इसलिए ये लोग किसी नए शब्द की तलाश कर रहे हैं." उन्होंने इस पर आशंका व्यक्त की कि नए शब्दों के इस्तेमाल से मुस्लिम समुदाय के प्रति अमरीकी लोगों की विचारधारा पर भी प्रभाव पड़ सकता है. |
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