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मुशर्रफ़ की आत्मकथा में करगिल भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की आत्मकथा का विमोचन न्ययॉर्क में 25 सितंबर को होगा. इसका काफ़ी समय से इंतज़ार हो रहा है. उनकी आत्मकथा का नाम है 'इन द लाइन ऑफ़ फ़ायर - अ मैमौयर' और इसे प्रकाशित किया है साइम एंड शूस्टर की फ़्री प्रेस ने. बताया गया है कि इस 368 पन्ने की पुस्तक में पाकिस्तान के सैन्य शासक के बारे में सब कुछ है - फिर ये चाहे उनके पारिवारिक जीवन की बात हो या फिर 1999 में लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर सत्ता अपने हाथ में लेने का फ़ैसला. कई अहम और विवादास्पद फ़ैसलों के बारे में कुछ अध्याय हैं जिनमें भारत के साथ करगिल युद्ध की शुरुआत, अमरीका के नेतृत्व वाले 'आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध' शामिल हैं. अमरीका के नेतृत्व में 'आतंक के ख़िलाफ़' लड़ाई में शामिल होने के लिए पश्चिमी देशों के कई लोगों में उनकी एक उदारवादी मुस्लिम नेता की छवि है. कई ब्रितानी और अमरीकी प्रकाशकों ने उनकी आत्मकथा छापने में दिलचस्पी दिखाई थी और वर्ष 2005 में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने साइमन एंड शूस्टर के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. कई रिपोर्टों के अनुसार उन्हें पेशगी के तौर पर काफ़ी बड़ी रक़म भी मिली है. महत्वपूर्ण है कि इस अनुबंध के कुछ ही समय बाद साइमन एंड शूस्टर के एक वरिष्ठ संपादक का कहना था कि 'राष्ट्रपति किताब लिखने में एक अनुभवी पत्रकार से मदद मिलेगी, जो उनके विश्वासपात्र भी है, लेकिन वे सह-लेखक नहीं होंगे.' इसकी सख़्त जिल्द वाली प्रति की कीमत 28 डॉलर है लेकिन अमेज़न डॉटकॉम ने ऑनलाइन ख़रीद के लिए इसकी कीम लगभग 17 डॉलर रखने का फ़ैसला किया है. |
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