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'बुगटी की मौत की अंतरराष्ट्रीय जाँच हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 26 अगस्त को मारे गए बलूच क़बायली नेता नवाब अकबर बुगटी के दो पुत्रों ने इस मामले की अंतरराष्ट्रीय जाँच की माँग की है. क्वेटा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जमील अकबर बुगटी और तालाल अकबर बुगटी ने पाकिस्तानी सरकार पर आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ. उनका कहना था कि अपने पिता की मौत के कारणों का पता लगाना उनका क़ानूनी और संवैधानिक अधिकारी है. उन्होंने माँग की कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के शव को फिर से निकाला जाए और मौत के कारण का पता लगाने के लिए उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तानी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बलूचिस्तान प्रांत के वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ अपना ये मामला मीडिया के साथ दर्ज करवाना चाहते हैं. बुगटे के दोनो पुत्रों ने डेरा बुगटी में उनकी ग़ैर-मौजूदगी में उनके पिता की अंत्येष्टि किए जाने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की. |
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