|
बलूचिस्तान में फिर हिंसा भड़की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के बलूच कबायली नेता नवाब अक़बर ख़ान बुगटी का शव बरामद नहीं हुआ है लेकिन उनके लिए नमाज़े जनाज़ा पढ़ी गई जिसके बाद बलूचिस्तान में फिर से हिंसा भड़क उठी है. नवाब बुगटी शनिवार को बलूचिस्तान की पहाड़ियों पर हुए सैन्य हमले में मारे गए थे. गुफ़ा धंस जाने के कारण बुगटी का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है. मंगलवार को क्वेटा के एक स्टेडियम में उनकी याद में लगभग 10 हज़ार लोग इकठ्ठा हुए और उन्होंने नमाज़े जनाज़ा पढ़ी. इसके बाद लोग हिंसक हो गए और उन्होंने सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों, कुछ सरकारी प्रतिष्ठानों और दुकानों में आग लगा दी. ये लोग पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे. बलूचिस्तान के अधिकारियों ने कहा कि भारी भीड़ में से किसी ने तीन हथगोले फेंके जिसमें एक पुलिसकर्मी समेत दो लोग घायल हो गए. स्थिति को क़ाबू में रखने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. नवाब बुगटी के मारे जाने के बाद से ही बलूचिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिनमें लगभग 25 लोग मारे जा चुके हैं. इस बीच बुगटी के परिजनों का आरोप है कि सरकारी अधिकारी उनके शव को गुफा से निकाल कर ले गए हैं. बढ़ती हिंसा इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता के मुताबिक जिस तरह हिंसा हो रही है उससे बलूचिस्तान के लोगों के ग़ुस्से का पता चलता है. सोमवार को पसनी और ग्वादर में बुगटी की हत्या से ग़ुस्साए लोगों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थी. खनिज संपदा से भरपूर बलूचिस्तान को वृहत्तर स्वायत्तता दिलाने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन की अगुआई नवाब बुगटी ही कर रहे थे. पिछले कुछ वर्षों में इस आंदोलन ने हिंसक रुख अख़्तियार कर लिया है. समीक्षकों के मुताबिक़ बुगटी की हत्या से बलूच कबायली आंदोलन को गहरा झटका लगा है. | इससे जुड़ी ख़बरें बुगटी को लेकर भारत-पाक में बयानबाज़ी28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बुगटी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण: भारत28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बुगटी की मौत के बाद हिंसा भड़की27 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के क़बायली नेता की मौत26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||