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बुगटी की मौत के बाद हिंसा भड़की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में अधिकारियों ने कहा है कि क़बायली नेता नवाब अकबर बुगटी की मौत के बाद भड़की हिंसा में कम से कम दो लोग मारे गए हैं. बलूचिस्तान प्रांत के प्रभावशाली कबायली नेता नवाब अकबर बुगटी की एक कथित मुठभेड़ में मौत के बाद प्रांत में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए हैं. हिंसा में 15 लोग घायल भी हुए हैं जिसमें छह पुलिसकर्मी शामिल है. बलूचिस्तान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और क्वेटा में कर्फ़्यू लगा हुआ है. पुलिस ने क्वेटा में करीब 450 लोगों को गिरफ़्तार किया है. ख़ुदज़ार, गदावर और नौशकी ज़िलों में भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. पाकिस्तान की कई विपक्षी पार्टियों ने कहा है कि बलूचिस्तान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए आपात बैठक बुलाई जानी चाहिए. हिंसक प्रदर्शन नवाब अकबर बुगटी की मौत की ख़बर फैलते ही बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और तोड़फोड़ शुरु हो गई. छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियाँ चलानी पड़ीं क्योंकि छात्रों ने क्वेटा में कारों, बैंकों और पैट्रोल स्टेशनों को आग लगा दी और दुकानों-घरों की खिड़कियाँ तोड़ दी थीं. एक पुलिस अधिकारी सल्मान सईद का कहना था कि छात्रों ने एक बैंक को 'लूटने' और एक पैट्रोल स्टेशन को 'आग लगाने' की कोशिश की. दंगे शुरु होने के बाद वहाँ अब सेना तैनात कर दी गई है. एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ज़ाहिद अफ़ाक़ का कहना था, "फ़िलहाल कर्फ़्यू क्वेटा में हैं लेकिन यदि किसी अन्य जगह पर भी क़ानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो वहाँ भी कर्फ़्यू लगा दिया जाएगा." जिस कथित मुठभेड़ में नवाब अकबर बुगटी की मौत हुई, माना जा रहा है कि ये मुठभेड़ डेरा बुगटी कस्बे के पास हुई थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने बताया कि सेना की दो बार विद्रोहियों के साथ मुठभेड़ हुई जिसके बाद सेना ने विद्रोहियों के एक प्रमुख अड्डे पर हमला किया. उन्होंने कहा, “ एक सर्च ऑपरेशन किया गया. इस खोजी अभियान में हमें इस इलाक़े में कई गुफ़ाओं के बारे में जानकारी मिली. एक गुफ़ा में सेना और विद्रोहियों के बीच जमकर गोलीबारी हुई जिसके बाद एक गुफ़ा पूरी तरह तबाह हो गई. माना जा रहा है कि कई आतंकवादियों सहित अक़बर बुग्टी इस गुफ़ा में थे और वो इस गुफ़ा में दबकर मर गए. ” अधिकारियों के मुताबिक इसमें कम से कम 24 चरमपंथी और उतने ही सैनिक मारे गए. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और खनिज पदार्थों यहाँ बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं. पाकिस्तान में गैस की ज़्यादातर आपूर्ति इसी इलाक़े से होती है. लेकिन बलूच विद्रोही आरोप लगाते रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार ने इस प्रांत को नज़रअंदाज़ किया है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक नवाब अकबर बुगटी बलूचिस्तान की राजनीति में पाँच दशकों से भी ज़्यादा समय तक छाए रहे. उन्हें 'बलूचिस्तान का शेर' कहा जाता था. वे 50,60 और 70 के दशक में विद्रोही आंदोलनों में भी शामिल रहे. | इससे जुड़ी ख़बरें बलूचिस्तान में 23 चरमपंथी मारे गए09 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में गैस पाइपलाइन पर धमाका07 जून, 2006 | भारत और पड़ोस क्वेटा धमाके में छह पुलिसवालों की मौत11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में बस में धमाका05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'बलूचिस्तान में सैनिक कार्रवाई में 19 मरे'21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बलूचिस्तानः पाकिस्तान का पिछड़ा प्रांत02 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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